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दिल्ली की मुख्यमंत्री ने ‘वरदान’ फिल्म फेस्टिवल में अंगदान के महत्व पर जोर दिया

दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने ‘वरदान’ फिल्म फेस्टिवल में अंगदान के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अंगदान केवल चिकित्सा प्रक्रिया नहीं, बल्कि जीवन का उपहार है। इस अवसर पर उन्होंने जागरूकता फैलाने की आवश्यकता पर भी बल दिया। दधीचि देहदान समिति द्वारा आयोजित इस फेस्टिवल में कई गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। मुख्यमंत्री ने दिल्ली में अंगदान के लिए नई व्यवस्था की जानकारी दी और समाज में जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया।
 

मुख्यमंत्री का उद्घाटन भाषण

नई दिल्ली - दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने गुरुवार को ‘वरदान’ फिल्म फेस्टिवल में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि अंगदान केवल एक चिकित्सा प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह किसी को नया जीवन देने का सबसे बड़ा उपहार है। एक व्यक्ति का संकल्प कई परिवारों के लिए आशा की नई किरण बन सकता है।


फेस्टिवल में उपस्थित गणमान्य व्यक्ति

दधीचि देहदान समिति द्वारा आयोजित इस फेस्टिवल में केंद्रीय राज्य मंत्री श्री हर्ष मल्होत्रा, विश्वास नगर के विधायक श्री ओम प्रकाश शर्मा, पद्मश्री अभिनेता श्री मनोज जोशी, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख श्री नरेंद्र ठाकुर, दधीचि देहदान समिति के संरक्षक श्री आलोक कुमार, अध्यक्ष श्री महेश पंत सहित कई अन्य प्रमुख व्यक्ति शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अंगदान और देहदान जैसे संवेदनशील मुद्दों पर कला और सिनेमा के माध्यम से समाज को जागरूक करना एक प्रेरणादायक प्रयास है। ऐसे आयोजन समाज में नई सोच का संचार करते हैं और मानवता के प्रति सेवा की भावना को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा अंगदान को जनआंदोलन बनाने का आह्वान देश के लिए मार्गदर्शक है, जिससे अधिक से अधिक लोग इस कार्य में शामिल हो सकें।


दिल्ली में अंगदान की व्यवस्था

मुख्यमंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर अंगदान के लिए नेशनल ऑर्गन ऐंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन (NOTTO) कार्यरत है। हालांकि, दिल्ली में पहले इस तरह की कोई सुव्यवस्थित व्यवस्था नहीं थी। इस आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए, दिल्ली सरकार ने स्टेट ऑर्गन ऐंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन (SOTTO) का गठन किया है, जो अंगदान के इच्छुक लोगों के लिए एक सशक्त मंच के रूप में कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि सितंबर से अब तक 800 से अधिक लोग इस प्लेटफॉर्म पर रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं, लेकिन इस क्षेत्र में व्यापक जन-जागरूकता की आवश्यकता है।


जन जागरूकता का आह्वान

मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोगों से अपील की कि वे स्वयं जागरूक बनें और समाज में जागरूकता फैलाएं ताकि अधिक से अधिक लोग इस सेवा कार्य का हिस्सा बन सकें। उन्होंने कहा कि अंगदान मानवता की सर्वोच्च सेवा है और यह जीवन के बाद भी जीवन देने का सबसे पवित्र माध्यम है। मुख्यमंत्री ने दधीचि देहदान समिति द्वारा किए जा रहे जन-जागरूकता कार्यों की सराहना की और कहा कि संस्था के स्वयंसेवकों का समर्पण समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। कला और फिल्मों के माध्यम से इस विषय को जन-जन तक पहुंचाने का यह प्रयास निश्चित रूप से अंगदान को जनआंदोलन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।