दिल्ली की मुख्यमंत्री पर हमले का मामला: हाईकोर्ट में नया मोड़
दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हुए हमले से संबंधित मामले में एक नया कानूनी मोड़ आया है। इस मामले में आरोपी राजेश भाई खीमजी और तहसीन रजा, जिन्हें बापू के नाम से जाना जाता है, ने निचली अदालत के द्वारा आरोप तय करने के फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है।
दिल्ली पुलिस को नोटिस
दिल्ली हाईकोर्ट ने आरोपियों की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है। अदालत ने दोनों पक्षों को निर्देश दिया है कि वे 15 अप्रैल तक अपनी लिखित दलीलें पेश करें। इस मामले की अगली सुनवाई 15 अप्रैल को होगी।
आरोपों का विरोध
इस मामले में आरोपियों पर आपराधिक साजिश और हत्या की कोशिश जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, आरोपियों ने इन धाराओं का विरोध करते हुए कहा है कि यह केवल एक हमला था, और इसे हत्या की कोशिश के रूप में पेश करना गलत है।
वकील का बयान
मामले में आरोपियों की ओर से वकील हैरी छिब्बर ने कहा कि यह घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण थी, लेकिन इसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है। उन्होंने कहा, "यह सच है कि घटना से गंभीर चोट लग सकती थी, लेकिन मौजूदा तथ्यों के आधार पर यह कहना सही नहीं है कि गला घोंटने की कोशिश हुई थी। यह केवल एक हमला था।"
आरोपी का उद्देश्य
छिब्बर ने बताया कि आरोपी राजेश भाई खेमजी गुजरात के राजकोट का निवासी है और वह दिल्ली मुख्यमंत्री के कैंप ऑफिस में अपनी चिंता को लेकर आया था। उस समय आवारा कुत्तों के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ विरोध चल रहा था। आरोपी का कहना था कि वह मुख्यमंत्री से मिलकर इस मामले में मानवीय दृष्टिकोण अपनाने का आग्रह करना चाहता था।
बातचीत का रहस्य
हालांकि, बातचीत के दौरान अचानक क्या हुआ, इस पर वकील ने खुलासा करने से इनकार कर दिया और कहा कि यह ट्रायल का हिस्सा है, जिस पर अभी चर्चा नहीं की जा सकती।