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दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन विस्फोट की जांच में एनआईए को मिला अतिरिक्त समय

दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन पर हुए भीषण विस्फोट की जांच में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को अदालत से 45 दिन का अतिरिक्त समय मिला है। एनआईए ने अदालत से समय बढ़ाने की अपील की थी, जिसमें कहा गया कि जांच में कई नए सुराग सामने आए हैं। इस मामले में कट्टरपंथी सामग्री और संदिग्ध मोबाइल नंबरों की भी जांच की जा रही है। विस्फोट में 11 लोगों की जान गई थी, और मुख्य आरोपी भी मारा गया था। जानें इस मामले की पूरी जानकारी।
 

जांच में मिली नई जानकारी

दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए भयानक विस्फोट की जांच को आगे बढ़ाने के लिए अदालत ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को 45 दिनों का अतिरिक्त समय प्रदान किया है। पटियाला हाउस कोर्ट की एनआईए अदालत ने यह समय एजेंसी की मांग पर बढ़ाया है।


एनआईए की अपील पर अदालत का निर्णय

एनआईए ने दूसरी बार अदालत से समय बढ़ाने की अपील की थी, जिसे शुक्रवार को मंजूरी मिल गई। एजेंसी का कहना है कि जांच के दौरान कई नए सुराग सामने आए हैं और बड़े पैमाने पर डिजिटल सबूतों की जांच की जा रही है, जिसके लिए अतिरिक्त समय आवश्यक है।


अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की संभावना

एनआईए ने यह भी दावा किया है कि इस मामले के तार केवल भारत तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी जुड़े हो सकते हैं। एजेंसी साजिश का पर्दाफाश करने के लिए हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है।


कट्टरपंथी सामग्री और व्हाट्सएप ग्रुप की जांच

जांच के दौरान आरोपियों से कुछ कट्टरपंथी अरबी लेख भी बरामद हुए हैं। इन्हें समझने और विश्लेषण करने के लिए एनआईए ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया के एक अरबी विशेषज्ञ की मदद ली है। इसके अलावा, आरोपियों द्वारा इस्तेमाल किए गए एक व्हाट्सएप ग्रुप की पहचान भी की गई है, जिसकी गहन जांच जारी है। कुछ संदिग्ध मोबाइल नंबरों की भी पड़ताल की जा रही है।


मुख्य आरोपियों की हिरासत

इससे पहले 13 मार्च को पटियाला हाउस कोर्ट ने इस मामले के मुख्य आरोपियों की न्यायिक हिरासत 15 दिनों के लिए बढ़ाई थी। सुरक्षा कारणों को देखते हुए सभी आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश किया गया था।


विस्फोट की भयावहता

10 नवंबर 2025 को हुए इस भीषण विस्फोट ने राष्ट्रीय राजधानी को हिला दिया था। इस हमले में 11 लोगों की जान गई थी, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे। इस हमले का मुख्य आरोपी उमर उन नबी भी विस्फोट में मारा गया था।