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दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने से बढ़ी मौतों की संख्या, प्रशासन ने लिया सख्त एक्शन

दिल्ली के सत्य निकेतन में एक इमारत गिरने से 6 लोगों की जान चली गई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटनास्थल का दौरा किया और प्रशासनिक जांच के आदेश दिए। उन्होंने अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इस घटना ने राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानें इस मामले में प्रशासन ने क्या कदम उठाए हैं और आगे की योजना क्या है।
 

दिल्ली सरकार का त्वरित एक्शन

दिल्ली: दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन क्षेत्र में हुए एक गंभीर हादसे के बाद, दिल्ली सरकार ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी है। सोमवार की सुबह, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटनास्थल का दौरा किया और राहत कार्यों, सुरक्षा प्रबंधों और प्रशासनिक जांच की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि नागरिकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और लापरवाह व्यक्तियों को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वे कितने भी प्रभावशाली क्यों न हों।


सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना में अब तक 6 लोगों की जान जा चुकी है। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें इमारत को गिरते हुए देखा जा सकता है। मुख्यमंत्री ने मजिस्ट्रियल जांच और भवन मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है।

#WATCH दिल्ली: प्रशासन ने दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना वाली जगह के पास मौजूद इमारतों को सहारा देने के लिए लोहे के जैक लगाए हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है, घटना में अब तक 6 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। pic.twitter.com/qdd278tpr7

— News Media (@AHindinews) September 7, 2026


घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए भवन मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी है। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने नगर निगम के उन अधिकारियों के खिलाफ भी कड़ा रुख अपनाया है, जिनकी लापरवाही से यह अवैध निर्माण संभव हुआ। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी अधिकारी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कठोर विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


सत्य निकेतन हादसे का मुख्य कारण नियमों की अनदेखी कर किए गए अवैध निर्माण और अतिरिक्त मंजिलों का निर्माण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने आदेश दिया है कि दिल्ली में सभी पांचवीं मंजिल वाले भवनों को तुरंत सील किया जाए। कई क्षेत्रों में निर्धारित नियमों से अधिक ऊंचे भवन खड़े कर दिए गए हैं, जो न केवल मास्टर प्लान के खिलाफ हैं बल्कि आसपास के निवासियों के लिए भी खतरा बन चुके हैं। प्रशासन अब ऐसे भवनों की सूची तैयार कर रहा है और सीलिंग की कार्रवाई युद्धस्तर पर शुरू कर दी गई है।

सत्य निकेतन और उसके आसपास के क्षेत्रों में छात्रों और कामकाजी युवाओं के लिए बड़ी संख्या में पेइंग गेस्ट और हॉस्टल संचालित होते हैं। इस हादसे के मद्देनजर, मुख्यमंत्री ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस को निर्देश दिए हैं कि वे आसपास के सभी पीजी और व्यावसायिक भवनों की गहन जांच करें। अग्नि सुरक्षा मानकों की कड़ाई से जांच होगी। यदि किसी भी भवन या पीजी में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो उसे तुरंत सील कर दिया जाएगा।

दौरे के दौरान, मुख्यमंत्री ने स्थानीय निवासियों से भी मुलाकात की और उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार इस कठिन समय में उनके साथ है। उन्होंने कहा कि अवैध निर्माण और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ यह अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक शहर में कानून का पालन सुनिश्चित नहीं हो जाता। इस घटना ने राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था और भवन निर्माण नियमों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसका अब सरकार स्थायी समाधान निकालने में जुटी है।