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दिल्ली कैपिटल्स के अभिषेक पोरेल पर गिरफ्तारी का आदेश, दुष्कर्म के आरोप में कार्रवाई जारी

दिल्ली कैपिटल्स के बल्लेबाज अभिषेक पोरेल पर दुष्कर्म का आरोप लगा है, जिसके चलते कोलकाता हाईकोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी का आदेश दिया है। अदालत ने पुलिस को निर्देश दिया है कि वे आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास जारी रखें और उनके इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को जब्त करें। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि पोरेल ने शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए और बाद में उसे धमकाया। मामले की जांच जारी है, और आरोप अभी अदालत में साबित नहीं हुए हैं।
 

कोलकाता हाईकोर्ट का महत्वपूर्ण आदेश


नई दिल्ली. दिल्ली कैपिटल्स के बल्लेबाज अभिषेक पोरेल के लिए हालात गंभीर हो गए हैं। कोलकाता हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ दुष्कर्म के मामले में एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। अदालत ने पुलिस को निर्देश दिया है कि वे उन्हें गिरफ्तार करें और उनके इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को जब्त करें। इसके साथ ही, कोर्ट ने कहा है कि पुलिस को आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास जारी रखने चाहिए ताकि मामले से संबंधित संवेदनशील डिजिटल सामग्री का प्रसार रोका जा सके।


अदालत का आदेश और पुलिस की कार्रवाई

न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने 14 जुलाई 2026 को दिए गए आदेश में कहा कि पुलिस को आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास करने चाहिए। अदालत ने यह भी बताया कि 6 जुलाई 2026 की पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, शिकायतकर्ता से एक पेन ड्राइव बरामद किया गया है, जिसमें मामले से संबंधित सामग्री होने की संभावना है। अदालत ने यह माना कि इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को जब्त करना आवश्यक है ताकि संवेदनशील डेटा का आगे साझा होना रोका जा सके।



एफआईआर और आरोपों का विवरण

इस मामले में पिछले महीने मोगरा पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि अभिषेक पोरेल ने शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए और निजी पलों का वीडियो रिकॉर्ड किया। इसके बाद, उन्होंने उसे धमकाया। महिला का कहना है कि उनकी पहचान 2023 में हुई थी और आरोपी ने उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए।


इसके अलावा, आरोपी ने फोन कॉल, एक सहयोगी के इंस्टाग्राम अकाउंट और अन्य मोबाइल नंबरों के माध्यम से उसे लगातार धमकाया।


जांच की स्थिति

इस मामले में आपराधिक धमकी सहित अन्य धाराओं के तहत भी मामला दर्ज किया गया है। हालांकि, अभिषेक पोरेल पर लगाए गए आरोप अभी अदालत में साबित नहीं हुए हैं। मामले की जांच जारी है, और हाईकोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया है कि वे आरोपी की गिरफ्तारी और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की बरामदगी के लिए प्रयास जारी रखें ताकि जांच निष्पक्ष और प्रभावी ढंग से आगे बढ़ सके।