दिल्ली को मिलेगें 109.9 एमसीएम अतिरिक्त पानी, यमुना का जलप्रवाह होगा बेहतर
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का बयान
नई दिल्ली: दिल्ली सरकार की कैबिनेट ने किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना के संबंध में हुए महत्वपूर्ण समझौते पर संतोष व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल के प्रति आभार व्यक्त किया गया। इस परियोजना के माध्यम से दिल्ली को 109.9 मिलियन क्यूबिक मीटर (एमसीएम) पानी प्राप्त होगा, जो राजधानी की पेयजल आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायक होगा। इसके अलावा, यमुना नदी में पर्यावरण के लिए आवश्यक जलप्रवाह को भी बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
जल सुरक्षा में सुधार
मुख्यमंत्री ने कहा कि पानी की कमी दिल्ली के लिए एक बड़ी चुनौती है। किशाऊ परियोजना के कार्यान्वयन से दिल्ली की जल सुरक्षा में मजबूती आएगी और कम पानी वाले समय में अतिरिक्त कच्चा पानी उपलब्ध होगा। उन्होंने यह भी बताया कि यह परियोजना केवल अतिरिक्त पानी की उपलब्धता तक सीमित नहीं है, बल्कि यमुना नदी के जलप्रवाह को भी बेहतर बनाएगी, जो पर्यावरण संरक्षण के लिए आवश्यक है।
राज्यों का आभार
मुख्यमंत्री ने इस समझौते के लिए दिल्ली की 2.5 करोड़ जनता की ओर से केंद्रीय गृह मंत्री और जल शक्ति मंत्री का धन्यवाद किया। उन्होंने हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान की सरकारों का भी आभार व्यक्त किया। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने वर्षों से लंबित मुद्दों का समाधान संवाद और सहमति के माध्यम से किया है, और किशाऊ परियोजना इसका एक उदाहरण है।
दीर्घकालिक जल आवश्यकताओं का समाधान
किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना ऊपरी यमुना बेसिन की महत्वपूर्ण जल भंडारण परियोजनाओं में से एक है। इसमें लगभग 1,324 एमसीएम जल भंडारण की क्षमता होगी। मानसून के दौरान पानी का भंडारण कर उसे नियंत्रित तरीके से उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे ऊपरी यमुना बेसिन के राज्यों को पानी की बेहतर उपलब्धता सुनिश्चित होगी। यह परियोजना दिल्ली की भविष्य की जल आवश्यकताओं के लिए महत्वपूर्ण है।
यमुना के पर्यावरणीय स्वास्थ्य में सुधार
मुख्यमंत्री ने कहा कि किशाऊ परियोजना का एक महत्वपूर्ण पहलू यमुना नदी में जलप्रवाह को बेहतर करना है। पर्याप्त जलप्रवाह यमुना के पर्यावरणीय स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है। दिल्ली सरकार यमुना को स्वच्छ बनाने के लिए विभिन्न प्रयास कर रही है, और किशाऊ परियोजना से मिलने वाला लाभ इस दिशा में भी सहायक होगा। यह परियोजना पेयजल, सिंचाई और जलविद्युत उत्पादन के साथ-साथ यमुना के पर्यावरणीय प्रवाह को बेहतर बनाने में भी महत्वपूर्ण है।