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दिल्ली कोर्ट ने यूट्यूबर ध्रुव राठी के खिलाफ नया समन जारी किया

दिल्ली की साकेत कोर्ट ने यूट्यूबर ध्रुव राठी के खिलाफ आपराधिक मानहानि के एक पुराने मामले में नया समन जारी किया है। यह मामला विकास पांडे द्वारा दायर किया गया था, जिसमें आरोप लगाया गया है कि राठी के एक वीडियो ने उन्हें नुकसान पहुंचाया। अदालत ने समन की तामील के लिए दस्ती सेवा की अनुमति दी है, और अगली सुनवाई 17 अक्टूबर को होगी। इस मामले में कई वर्षों से सुनवाई लंबित है, और शिकायतकर्ता का कहना है कि राठी की अनुपस्थिति के कारण प्रक्रिया में बाधाएं आई हैं। इसके अलावा, एक नया मानहानि मुकदमा भी दायर किया गया है, जिसमें राठी के खिलाफ आपत्तिजनक सामग्री के लिए हर्जाने की मांग की गई है।
 

साकेत कोर्ट का आदेश

नई दिल्ली - दिल्ली की साकेत कोर्ट ने यूट्यूबर ध्रुव राठी के खिलाफ आपराधिक मानहानि के एक पुराने मामले में नए समन जारी करने का निर्देश दिया है। यह मामला विकास सांक्रित्यायन, जिन्हें विकास पांडे के नाम से भी जाना जाता है, द्वारा दायर किया गया था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि ध्रुव राठी के 'बीजेपी आईटी सेल पार्ट-2' वीडियो के कारण यह मामला दर्ज हुआ। अदालत ने समन की तामील के लिए दस्ती सेवा की अनुमति भी दी है। मामले की अगली सुनवाई 17 अक्टूबर को होगी।


समन की प्रक्रिया

अदालत ने 12 अक्टूबर को पारित आदेश में ध्रुव राठी के गुरुग्राम स्थित निवास पर समन भेजने की प्रक्रिया को फिर से शुरू करने की अनुमति दी। इसके साथ ही शिकायतकर्ता को प्रोसेस सर्वर के साथ जाने की इजाजत दी गई, ताकि समन की तामील कराई जा सके। शिकायतकर्ता के अनुसार, ध्रुव राठी को उनके आवास पर समन की भौतिक रूप से तामील कर दी गई है।


नोटिस की तामील

दिल्ली हाई कोर्ट से एडवोकेट सुशांत कुमार ने ध्रुव राठी के घर जाकर यह नोटिस दिया। उन्होंने एक वीडियो में बताया कि यह मामला 2018 का है। ध्रुव राठी को फोन किया गया, लेकिन उन्होंने नोटिस लेने से मना कर दिया, जिसके बाद सोसायटी के सुरक्षा गार्ड की मदद से घर के बाहर नोटिस चस्पा किया गया। एडवोकेट ने कहा कि इस मामले की सुनवाई 17 अक्टूबर को होगी।


लंबित मामला

यह मामला कई वर्षों से लंबित है। विकास पांडे ने ध्रुव राठी के खिलाफ कथित आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी, जो 'बीजेपी आईटी सेल पार्ट-2' वीडियो से संबंधित है। शिकायतकर्ता का कहना है कि ध्रुव राठी को समन की तामील कराने के कई प्रयास किए गए, लेकिन 2019 से इस प्रक्रिया में कठिनाइयां आती रहीं।


ध्रुव राठी की अनुपस्थिति

शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि ध्रुव राठी आमतौर पर भारत से बाहर रहते हैं, जिससे अदालती कार्यवाही में बाधा आई। हालांकि, यह केवल शिकायतकर्ता का दावा है, जिसे मामले के आधिकारिक रिकॉर्ड के संदर्भ में देखा जाना चाहिए। इस प्रकरण का संबंध दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से भी रहा है, जिन्होंने इसी वीडियो को रीट्वीट करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट के समक्ष माफी मांगी थी।


नए समन की तामील

ध्रुव राठी के खिलाफ समन की तामील को लेकर हाल की कार्रवाई ने इस पुराने मामले पर फिर से ध्यान आकर्षित किया है। शिकायतकर्ता के अनुसार, हाल ही में भारत में ध्रुव राठी की उपस्थिति के बाद समन की तामील कराने की प्रक्रिया तेज हुई। इसके बाद शिकायतकर्ता ने साकेत कोर्ट का रुख किया और समन जारी करने तथा उसकी तामील सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक अनुमति मांगी। अदालत के 12 अक्टूबर के आदेश में समन जारी करने और दस्ती तामील की अनुमति दिए जाने को इस मामले की आगे की कार्यवाही के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


मानहानि का नया मुकदमा

वकील अमिता सचदेवा ने साकेत कोर्ट में यूट्यूबर ध्रुव राठी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया है। उन्होंने बताया कि यह मामला एक वीडियो में भगवान राम और माता सीता के बारे में कथित तौर पर आपत्तिजनक बातें कहने से जुड़ा है। याचिका में कोर्ट से भविष्य में ऐसे कंटेंट पर रोक और हर्जाने की मांग की गई है। मामले की अगली सुनवाई 5 नवंबर को होगी।