दिल्ली चिड़ियाघर में H1N1 बर्ड फ्लू के कारण बंदी
दिल्ली चिड़ियाघर का बंद होना
दिल्ली चिड़ियाघर बंदी: दिल्ली के चिड़ियाघर में दो पेंटेड स्टॉर्क पक्षियों में 'H1N1 बर्ड फ्लू' वायरस की पुष्टि के बाद इसे शनिवार, 30 अगस्त 2025 से दर्शकों के लिए बंद करने का निर्णय लिया गया है। चिड़ियाघर प्रशासन ने इस गंभीर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए त्वरित और प्रभावी कदम उठाए हैं, ताकि वायरस का प्रसार रोका जा सके। चिड़ियाघर के अधिकारियों ने शुक्रवार को एक आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि दो 'मृत पेंटेड स्टॉर्क' के नमूने 27 अगस्त को भोपाल के राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान (NIHSAD) में जांच के लिए भेजे गए थे.
28 अगस्त को प्राप्त परिणामों में इन पक्षियों में 'H1N1 वायरस' की मौजूदगी की पुष्टि हुई। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, "एवियन इन्फ्लूएंजा A (H5N1) इन्फ्लूएंजा वायरस का एक उपप्रकार है जो मुख्य रूप से पक्षियों को संक्रमित करता है, लेकिन दुर्लभ मामलों में मनुष्यों सहित स्तनधारियों को भी प्रभावित कर सकता है।" यह वायरस पहली बार 1996 में सामने आया था और तब से यह पक्षियों में बार-बार प्रकोप का कारण बनता रहा है.
सख्त जैव सुरक्षा उपाय लागू
चिड़ियाघर प्रशासन ने तुरंत केंद्र सरकार की 2021 की "एवियन इन्फ्लूएंजा की तैयारी, नियंत्रण और रोकथाम के लिए कार्य योजना" के तहत कदम उठाए हैं। बयान में कहा गया है, "चिड़ियाघर के अंदर गहन निगरानी और सख्त जैव सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किए गए हैं।" इन उपायों का उद्देश्य वायरस को अन्य पक्षियों, जानवरों और कर्मचारियों तक फैलने से रोकना है। इसके अतिरिक्त, चिड़ियाघर परिसर में नियमित सैनिटाइजेशन और निगरानी को और सघन किया गया है.
जन स्वास्थ्य के लिए एहतियाती कदम
चिड़ियाघर को बंद करने का निर्णय जन स्वास्थ्य की रक्षा के लिए लिया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह एक अस्थायी और एहतियाती कदम है, जो अगली सूचना तक लागू रहेगा। इस कदम से न केवल चिड़ियाघर के अन्य जानवरों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि दर्शकों और कर्मचारियों के स्वास्थ्य को भी प्राथमिकता दी जाएगी.