दिल्ली जिमखाना क्लब: एक ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य और वर्तमान चुनौतियाँ
दिल्ली जिमखाना क्लब का इतिहास
दिल्ली और अन्य स्थानों पर स्थित क्लबों के बारे में पिछले चार दशकों का मेरा अनुभव बताता है कि इनमें से केवल 15 प्रतिशत सदस्य ही सच्चे और भले इंसान हैं। शेष 85 प्रतिशत सदस्य और अतिथि अपने-अपने संसार के 'अमर सिंह' हैं। जिमखाना का अर्थ है 'खेलकूद व्यायामशाला', लेकिन क्या आपको लगता है कि दिल्ली का जिमखाना क्लब अपने इस उद्देश्य को पूरा कर रहा है?
हाल ही में, दिल्ली जिमखाना क्लब को खाली करने का आदेश जारी किया गया, जिससे क्लब के सदस्यों में हड़कंप मच गया। हालांकि, दिल्ली उच्च न्यायालय में सरकार ने आश्वासन दिया कि वह क्लब को जबरन नहीं लेगी, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि क्लब को कब तक सुरक्षित रखा जाएगा।
दिल्ली जिमखाना क्लब की स्थापना 1913 में हुई थी, जब लार्ड हार्डिंग ने भारत की राजधानी को कलकत्ता से दिल्ली स्थानांतरित करने का निर्णय लिया। इस क्लब का उद्देश्य ब्रिटिश अधिकारियों के लिए विश्राम और मनोरंजन का स्थान प्रदान करना था।
क्लब को 1928 में लुटियन्स क्षेत्र में स्थानांतरित किया गया और स्वतंत्रता के बाद इसका नाम बदलकर 'दिल्ली जिमखाना क्लब' रखा गया। अब, सरकार इस क्लब की भूमि को सैन्य उपयोग के लिए वापस लेना चाहती है, जो कि एक उचित कदम प्रतीत होता है।
दिल्ली में ऐसे कई अभिजात्य क्लब हैं, जो सरकारी भूमि पर स्थित हैं और केवल चुनिंदा लोगों के लिए आरक्षित हैं। इन क्लबों का उद्देश्य 'नेटवर्किंग' करना है, लेकिन यह भी सच है कि यह एक प्रकार की 'दलाली' का काम कर रहे हैं।
इस लेख श्रृंखला में, मैं आपको देश भर में सरकारी भूमि पर स्थित इन क्लबों के कार्यों और उनकी समस्याओं के बारे में विस्तार से बताऊंगा।