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दिल्ली पुलिस के नए कमिश्नर का प्रभाव: प्रदर्शन को समाप्त करने की कार्रवाई

दिल्ली पुलिस के नए कमिश्नर अनुराग कुमार ने अपने कार्यभार संभालने के 24 घंटे के भीतर जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन को समाप्त कर दिया। इस कार्रवाई को 'ऑपरेशन सफेद चादर' कहा जा रहा है, जिसमें पुलिस ने सोनम वांगचुक को हिरासत में लिया। यह बदलाव केंद्र सरकार की रणनीति का हिस्सा प्रतीत होता है, क्योंकि पिछले एक साल में दो बार पुलिस कमिश्नर बदले गए हैं। जानें इस घटनाक्रम के पीछे की कहानी और क्या है इसके संभावित प्रभाव।
 

दिल्ली पुलिस में बदलाव और प्रदर्शन की समाप्ति

दिल्ली पुलिस के नए आयुक्त अनुराग कुमार ने अपने कार्यभार ग्रहण करने के 24 घंटे के भीतर जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन को लगभग समाप्त कर दिया। शनिवार की सुबह, पुलिस ने सोनम वांगचुक को हिरासत में लिया। यह कार्रवाई 'ऑपरेशन सफेद चादर' के तहत की गई, जिसमें पुलिसकर्मी सफेद चादर लेकर पहुंचे और वांगचुक को घेरकर ले गए। यह सवाल उठता है कि क्या इसी कारण से दिल्ली में पुलिस कमिश्नर का बदलाव किया गया। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पिछले एक साल में दो बार पुलिस कमिश्नर बदले हैं।


अनुराग कुमार की नियुक्ति के बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि केंद्र सरकार क्या हासिल करना चाहती है, जो अन्य पुलिस अधिकारियों से नहीं हो पा रहा है। 17 जुलाई को अचानक सतीश गोलचा को हटाने का निर्णय लिया गया, जबकि वे एक सरकारी कार्यक्रम में भाग ले रहे थे। उनकी जगह 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी अनुराग कुमार को नियुक्त किया गया।


नए कमिश्नर ने दो घंटे के भीतर कार्यभार संभाल लिया और ऐसा प्रतीत होता है कि उन्होंने शनिवार सुबह की योजना पहले से बना ली थी। अब उनकी जिम्मेदारी 20 जुलाई को होने वाले संसद मार्च के दौरान शांति बनाए रखना और उस मार्च को विफल करना है। ऐसा लगता है कि सतीश गोलचा को कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन को रोकने में असफलता के लिए सजा मिली है, जिसके कारण वे अब वेटिंग फॉर पोस्टिंग में हैं। इससे पहले, पिछले साल इसी तरह एसबीके सिंह को हटाया गया था, जब दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हमले के एक दिन बाद उन्हें पद से हटा दिया गया था।