दिल्ली पुलिस ने 13,000 करोड़ रुपये के अंतरराष्ट्रीय ड्रग रैकेट का पर्दाफाश किया, मुख्य आरोपी गिरफ्तार
दिल्ली में मादक पदार्थ तस्करी का बड़ा खुलासा
नई दिल्ली : दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक विशाल अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क का खुलासा किया है और इस मामले में एक महत्वपूर्ण आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह नेटवर्क लगभग 13,000 करोड़ रुपये की ड्रग तस्करी से जुड़ा हुआ है। स्पेशल सेल ने सिक्किम से तिलक प्रसाद शर्मा नामक आरोपी को पकड़ा है, जो इस गिरोह में एक प्रमुख भूमिका निभा रहा था। 35 वर्षीय तिलक प्रसाद शर्मा सिक्किम के पूर्वी पेंडम का निवासी है और उसके खिलाफ दिल्ली की अदालत से गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था.
सिक्किम में गिरफ्तारी और अंतर-राज्यीय अभियान
सिक्किम से हुई गिरफ्तारी, अंतर-राज्यीय ऑपरेशन
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एक विशेष अंतर-राज्यीय अभियान चलाया गया। लंबे समय से फरार तिलक प्रसाद शर्मा की लोकेशन ट्रेस करने के बाद स्पेशल सेल की टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से उसे सिक्किम से गिरफ्तार किया। अदालत से ट्रांजिट रिमांड प्राप्त करने के बाद आरोपी को दिल्ली लाया गया है, जहां उससे गहन पूछताछ की जा रही है.
ड्रग्स की भारी बरामदगी से खुला नेटवर्क
हजारों किलो ड्रग्स की बरामदगी से हुआ नेटवर्क का खुलासा
यह मामला 1,290 किलोग्राम कोकीन और मेफेड्रोन, साथ ही 40 किलोग्राम थाई मारिजुआना की भारी बरामदगी से संबंधित है। जांच में यह सामने आया है कि इस तस्करी नेटवर्क के तार पाकिस्तान, ब्रिटेन, मलेशिया, थाईलैंड, संयुक्त अरब अमीरात और भारत तक फैले हुए हैं। अब तक इस केस में 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि कई विदेशी हैंडलर अभी भी कानून की पकड़ से बाहर हैं.
तिलक प्रसाद शर्मा की भूमिका
कूरियर के तौर पर करता था काम
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि तिलक प्रसाद शर्मा इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क में कूरियर की भूमिका निभाता था। वह कई बार थाईलैंड से सूटकेस के जरिए थाई मारिजुआना भारत लाता था। दिल्ली पहुंचने के बाद यह नशीला पदार्थ हिमांशु नाम के व्यक्ति को सौंपा जाता था, जो नेटवर्क के एक अन्य आरोपी तुषार गोयल का करीबी सहयोगी बताया गया है। पुलिस ने महिपालपुर इलाके में स्थित एक गोदाम से दो सूटकेस में भरा थाई मारिजुआना भी बरामद किया है.
गिरफ्तारी से बचने के उपाय
गिरफ्तारी से बचने के लिए बदले जाते थे रास्ते
पुलिस के मुताबिक, अक्टूबर 2024 में जब दिल्ली में गिरोह के कुछ प्रमुख सदस्यों की गिरफ्तारी हुई, तो कार्टेल के सरगना ने तिलक शर्मा को यात्रा का रूट बदलने के निर्देश दिए। उसे थाईलैंड से सीधे भारत आने के बजाय श्रीलंका, फिर नेपाल और उसके बाद भारत आने को कहा गया ताकि सुरक्षा एजेंसियों की नजर से बचा जा सके.
नेपाल में गिरफ्तारी और भारत में छिपना
नेपाल से फरारी के बाद भारत में छिपा रहा
इसी दौरान नेपाल के एक हवाई अड्डे पर कस्टम विभाग ने उसे थाई मारिजुआना के साथ पकड़ लिया था और उसे काठमांडू की जेल में बंद किया गया था। हालांकि, नेपाल में फैली अशांति के दौरान वह जेल से फरार होने में सफल रहा और बाद में अवैध तरीके से भारत लौट आया। भारत आने के बाद आरोपी लगातार ठिकाने बदलता रहा और भूमिगत होकर रहने लगा.
जांच का अगला चरण
आगे की जांच जारी
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल अब आरोपी से पूछताछ कर नेटवर्क के अन्य सदस्यों, फंडिंग चैनलों और विदेशी हैंडलरों की जानकारी जुटा रही है। पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। इस कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता माना जा रहा है.