दिल्ली पुलिस ने चार घंटे में फर्जी लूट का मामला सुलझाया, चालक गिरफ्तार
दिल्ली में फर्जी लूट का खुलासा
नई दिल्ली - दिल्ली पुलिस ने रोहिणी में एक लूट की घटना का पर्दाफाश करते हुए शिकायतकर्ता को ही आरोपी बना दिया। महज चार घंटे में पुलिस ने 5 लाख रुपये बरामद किए, जो आरोपी ने अपने वाहन के बोनट में छिपा रखे थे।
रोहिणी जिला पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता ने अपने मालिक के पैसे चुराने के इरादे से एक झूठी लूट की कहानी बनाई थी। जांच में यह सामने आया कि उसने नकदी को अपनी गाड़ी के बोनट में बैटरी के पास छिपा रखा था।
यह मामला 10 जुलाई को तब सामने आया जब के.एन.के. मार्ग थाने में एक पीसीआर कॉल आई, जिसमें बताया गया कि रोहिणी सेक्टर-26 के द्वारकाधीश अपार्टमेंट के पास तीन बदमाशों ने एक व्यक्ति से बंदूक की नोक पर 5 लाख रुपये लूट लिए।
शिकायतकर्ता की पहचान 42 वर्षीय गुरनाम सिंह उर्फ हैप्पी के रूप में हुई। उसने पुलिस को बताया कि वह कश्मीरी गेट स्थित एक स्पेयर पार्ट्स वर्कशॉप में चालक और हेल्पर के तौर पर काम करता है। उसके अनुसार, मालिक ने उसे 5 लाख रुपये लेकर रोहिणी सेक्टर-14 पहुंचाने के लिए कहा था। उसने दावा किया कि रास्ते में थार एसयूवी सवार तीन लोगों ने उसकी गाड़ी रोककर नकदी लूट ली।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की और जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया।
जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज की मदद से शिकायतकर्ता की गतिविधियों की जांच की। यह पाया गया कि उसकी गाड़ी का किसी थार एसयूवी ने पीछा नहीं किया और न ही उसे रोका गया।
इसके बाद पुलिस ने उसकी गाड़ी की गहन तलाशी ली, जिसमें गाड़ी के बोनट में कपड़े के बैग में छिपाए गए 5 लाख रुपये बरामद हुए। वर्कशॉप के प्रतिनिधियों ने भी बरामद नकदी की पहचान की।
पुलिस के अनुसार, सबूतों के सामने आने पर गुरनाम सिंह ने स्वीकार किया कि उसने नकदी छिपाकर झूठी लूट की कहानी बनाई थी। उसने बताया कि आर्थिक तंगी के कारण उसने यह साजिश रची थी।
गुरनाम सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की झूठी सूचना देने और आपराधिक न्यासभंग से संबंधित धाराएं भी जोड़ी गई हैं। मामले की आगे की जांच जारी है।