दिल्ली पुलिस ने रियल एस्टेट धोखाधड़ी के फरार आरोपी को पकड़ा
दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई
नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने रियल एस्टेट में हुई धोखाधड़ी के 9 मामलों में फरार अपराधी शिव नंदन सिंह यादव को गिरफ्तार किया है। यह आरोपी कई वर्षों से पुलिस की पकड़ से बाहर था, और उसकी गिरफ्तारी को ईओडब्ल्यू की महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, शिव नंदन सिंह यादव ने अपनी कंपनी जीआरपीएल ग्लोब रियलिटी प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से 2013 में हरियाणा के ग्रेटर फरीदाबाद के तिलोरी खादर गांव में 'कृष्ण कुंज टाउनशिप' नामक एक हाउसिंग प्रोजेक्ट की शुरुआत की थी। कंपनी ने आकर्षक विज्ञापनों और झूठे वादों के जरिए लोगों को आकर्षित किया। इस प्रोजेक्ट में लगभग 10.26 एकड़ भूमि पर 496 आवासीय प्लॉट विकसित करने का दावा किया गया था।
आरोप है कि कंपनी ने निवेशकों से बड़ी रकम इकट्ठा की, लेकिन न तो भूमि कानूनी रूप से उपलब्ध थी और न ही प्रोजेक्ट का कोई विकास कार्य हुआ। इसके परिणामस्वरूप सैकड़ों निवेशकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। इस मामले में दिल्ली के कड़कड़डूमा कोर्ट में 2019 में कुल 9 एफआईआर दर्ज की गई थीं, और सभी मामलों में धोखाधड़ी का तरीका समान था।
शिव नंदन सिंह यादव 2019 से फरार था। बार-बार छापेमारी और खोजबीन के बावजूद वह पुलिस की गिरफ्त से बचता रहा। 2023 में अदालत ने उसे सभी 9 मामलों में घोषित अपराधी करार दिया था।
ईओडब्ल्यू की टीम ने आरोपी की लगातार निगरानी की। खुफिया जानकारी और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर 12 जून 2026 को फरीदाबाद (हरियाणा) से उसे सफलतापूर्वक गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी में एसआई प्रवीण कुमार, मोहित, कुलदीप और एएसआई दिलीप सिंह की टीम शामिल थी।
ईओडब्ल्यू का कहना है कि आरोपी से पूछताछ जारी है। पुलिस अब इस घोटाले के पूरे नेटवर्क, अन्य संलिप्त व्यक्तियों और धोखाधड़ी से प्राप्त धनराशि का पता लगाने में जुटी हुई है। साथ ही अन्य पीड़ितों की पहचान करने का कार्य भी तेज किया गया है।