दिल्ली पुलिस ने शुरू की हर शनिवार जन सुनवाई, नागरिकों की समस्याएं सुनेंगे वरिष्ठ अधिकारी
दिल्ली पुलिस का नया कदम
दिल्ली : आम जनता की शिकायतों के त्वरित समाधान और पुलिस तथा नागरिकों के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने के लिए दिल्ली पुलिस ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। लेफ्टिनेंट गवर्नर के निर्देशों के अनुसार, दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने सभी थानों में नियमित जन सुनवाई का सिस्टम लागू करने का आदेश दिया है। अब हर शनिवार को सभी थानों में पुलिस डे-पब्लिक हियरिंग का आयोजन किया जाएगा, जिसमें लोग अपनी शिकायतें, समस्याएं और सुझाव सीधे पुलिस अधिकारियों के समक्ष रख सकेंगे। इस प्रक्रिया का उद्देश्य मौके पर ही समस्याओं का समाधान करना है।
दिल्ली पुलिस द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह जन सुनवाई हर शनिवार सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक सभी थानों में आयोजित की जाएगी। इसकी शुरुआत 20 जून 2026 से होगी। इस दौरान कोई भी नागरिक अपनी शिकायत लेकर पुलिस स्टेशन आ सकता है, चाहे उसकी शिकायत CMS पोर्टल पर रजिस्टर्ड हो या नहीं। दिल्ली पुलिस कमिश्नर सतीश गोलछा ने निर्देश दिया है कि जन सुनवाई में आने वाले सभी व्यक्तियों की बात सुनी जाए और उनकी शिकायतें स्वीकार की जाएं। इसके बाद आवश्यकतानुसार ICMS में शिकायत दर्ज की जाएगी और आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जन सुनवाई के नए सिस्टम को प्रभावी बनाने के लिए स्पेशल CP, जॉइंट CP, एडिशनल CP, DCP और ACP स्तर के वरिष्ठ अधिकारी भी अलग-अलग शेड्यूल के अनुसार थानों में उपस्थित रहेंगे। वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करेगी कि शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई हो और नागरिकों को बार-बार थाने के चक्कर न लगाने पड़े। जन सुनवाई के दौरान शिकायतों का पूरा रिकॉर्ड रखा जाएगा। हर थाने में एक अलग रजिस्टर या रिकॉर्ड शीट तैयार की जाएगी, जिसमें आने वाली शिकायतों, कार्रवाई और निपटारे की जानकारी दर्ज की जाएगी।
दिल्ली पुलिस कमिश्नर सतीश गोलछा ने पुलिस अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया है कि जिन शिकायतों की जांच, सत्यापन या मौके पर कार्रवाई की आवश्यकता है, उन्हें तुरंत संबंधित अधिकारी को सौंपा जाए और निर्धारित समय सीमा के भीतर उनका समाधान किया जाए। पेंडिंग शिकायतों का ACP और DCP स्तर के अधिकारी नियमित रूप से समीक्षा करेंगे, ताकि किसी भी मामले में अनावश्यक देरी न हो। दिल्ली के सभी पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जन सुनवाई में आने वाले नागरिकों के लिए थानों में बेहतर इंतजाम किए जाने चाहिए। इसके लिए थानों में हेल्प डेस्क, लोगों के बैठने की उचित व्यवस्था और सुविधाजनक माहौल तैयार किया जाना चाहिए.