दिल्ली पुलिस ने साइबर फ्रॉड मामले में पांच लोगों को किया गिरफ्तार
साइबर धोखाधड़ी का मामला
दिल्ली पुलिस की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस (IFSO) यूनिट ने हीरो फिनकॉर्प लिमिटेड के खाते से जुड़े एक साइबर धोखाधड़ी के मामले में पांच व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में RBL बैंक के एक रिलेशनशिप मैनेजर को भी पुलिस ने अपनी गिरफ्त में लिया है। कंपनी के HDFC बैंक के कॉर्पोरेट खाते से बिना अनुमति के 12 करोड़ 84 लाख रुपये निकाल लिए गए थे, जिसके बाद जांच शुरू की गई।
धांधली का खुलासा कैसे हुआ?
21 अगस्त को स्पेशल सेल पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता की धारा 308, 318(4), 319 और 340 के तहत FIR दर्ज की गई। जांच के दौरान पुलिस ने बैंक खातों और मोबाइल रिकॉर्ड की गहनता से जांच की। विभिन्न स्थानों पर छापेमारी के बाद पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार किए गए आरोपी
- अभय कुमार सोलंकी, बुलंदशहर, यूपी
- लवली, कुरुक्षेत्र, हरियाणा
- नमन कुमार, जयपुर, राजस्थान
- हरमन, बीकानेर, राजस्थान
- विकास, जयपुर, राजस्थान
धंधे का संचालन कैसे हो रहा था?
अभय कुमार सोलंकी के खाते में 60,000 रुपये आए और उन्हें एटीएम से निकाल लिया गया। लवली के सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के खाते में 80 लाख रुपये जमा हुए, जो कैथल के सत्यम के कहने पर खोला गया था। सत्यम इस समय फरार है।
नमन कुमार के यस बैंक के खाते में 40 लाख रुपये आए, जबकि उनके इंडसइंड बैंक खाते में लगभग 70 लाख रुपये जमा हुए। यह खाता देशभर में 43 साइबर शिकायतों से संबंधित है। हरमन ने नमन के फोन पर एपीके फाइल इंस्टॉल की थी, जिससे यह खाता संचालित हो रहा था।
गैंग का मास्टरमाइंड
विकास ने नमन की हरमन से मुलाकात कराई थी। हरमन कई चाइनीज ग्रुपों से टेलीग्राम पर संपर्क में था। देवेंद्र सिंह चौहान के माध्यम से पैसे अमेरिकी डॉलर में बदले गए और विदेश भेजे गए। हरमन को इसके लिए कमीशन मिला। विकास आरबीएल बैंक का रिलेशनशिप मैनेजर है और उसने नमन के खातों को खोलने में मदद की।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने जांच के बाद धोखाधड़ी वाले खातों में 1.7 करोड़ रुपये पर रोक लगा दी है। इसके अलावा, पुलिस ने चेक बुक, पांच मोबाइल फोन और रबर स्टैंप भी बरामद किए हैं। यह सिंडिकेट कई राज्यों में फैला हुआ था, और भारत तथा दुबई में अन्य संदिग्धों की पहचान की जा चुकी है, जिससे और गिरफ्तारियां संभव हैं।