दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिया, सोशल मीडिया पर हंगामा
स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी
दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश से हिरासत में लिया है, जो कि भारी हंगामे और राजनीतिक दबाव के बाद हुआ। एक पॉडकास्ट में भारद्वाज ने स्वीकार किया था कि उसने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर निशु आजाद के पिता पर हमला किया। इस घटना के बाद कांग्रेस, सीजेपी और सांसद चंद्रशेखर आजाद ने पुलिस थाने जाकर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। गुरुवार और शुक्रवार को इस मामले में काफी हंगामा हुआ, और पुलिस ने 72 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया।
राहुल गांधी का समर्थन
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी निशु आजाद का समर्थन किया। उन्होंने एक्स पर लिखा, 'निशु, घबराने की जरूरत नहीं है। मैं तुम्हारे साथ हूं।' इसके बाद यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं, सांसद पप्पू यादव, सौरव दास और आशुतोष रांका समेत कई सीजेपी कार्यकर्ता संसद स्ट्रीट थाने पहुंचे और स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। निशु आजाद के पिता संजय के साथ हुई मारपीट के मामले में हत्या के प्रयास, पोक्सो एक्ट और एससी/एसटी एक्ट की धाराओं को जोड़ने की भी मांग की गई।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन
जंतर-मंतर पर सीजेपी के प्रदर्शन के बाद गाजियाबाद में निशु के पिता संजय कुमार पर हमला हुआ। इस मामले में पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज और सूरज कुमार को हिरासत में लिया, लेकिन पूछताछ के बाद दोनों को छोड़ दिया गया।
वायरल वीडियो में भारद्वाज का बयान
सोशल मीडिया पर एक पॉडकास्ट का वीडियो वायरल हुआ, जिसमें स्वतंत्र भारद्वाज कहता है, 'क्या आपको पता है कि इस अपराध के लिए कौन सी धारा लागू होती है? धारा 307। उसे 60 टांके लगे। उस आदमी को गंभीर हालत में एंबुलेंस में ले जाया गया। उसकी बेटी पुलिस थाने के बाहर खड़ी कह रही थी कि अगर उसके पिता को न्याय नहीं मिला तो वह आत्महत्या कर लेगी। लेकिन मुझे जेल नहीं हुई। दुनिया को यह पता होना चाहिए। मैं पूरी रात बाहर घूमता रहा।'
'आत्मरक्षा में किया गया हमला'
राजनीतिक हंगामे के बाद स्वतंत्र भारद्वाज ने अपने बयान से पलटते हुए कहा कि उसने आत्मरक्षा में हमला किया था। उसने कहा, 'लोग इसे हमला कह रहे हैं, लेकिन यह असल में आत्मरक्षा थी। अगर मैंने आत्मरक्षा में ऐसा नहीं किया होता, तो भीड़ मुझे पीट-पीटकर मार सकती थी। मेरे पास वीडियो सबूत हैं। मुझे 10-15 लोगों ने घेर लिया था। जब मैंने आत्मरक्षा में कदम उठाया, तो उनके सिर पर चोट लग गई।'