दिल्ली में BRICS सम्मेलन: 11 देशों का संगम और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा
BRICS सम्मेलन की तैयारी
दिल्ली, जो हाल ही में G20 सम्मेलन की मेज़बानी कर चुकी है, अब BRICS देशों के सम्मेलन की तैयारी में जुटी है। इस बार ब्राजील (B), रूस (R), भारत (I), चीन (C) और दक्षिण अफ्रीका (S) के साथ मिलकर 11 देशों का समूह एकत्रित होगा। यह सम्मेलन BRICS का 18वां संस्करण है, और भारत ने पहले भी 2012, 2016 और 2021 में इसकी मेज़बानी की है। इस बार का आयोजन विशेष है क्योंकि BRICS की स्थापना को 20 वर्ष पूरे हो रहे हैं।
सम्मेलन की अध्यक्षता और आयोजन तिथियाँ
BRICS का अध्यक्षता हर साल एक नए देश को दी जाती है, और इस बार भारत को 1 जनवरी 2026 से इसकी अध्यक्षता मिली है। सम्मेलन का आयोजन 12 और 13 सितंबर को दिल्ली के भारत मंडपम में होगा। उम्मीद की जा रही है कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन सहित अन्य देशों के नेता भी इसमें भाग लेंगे।
मुख्य मुद्दे और चर्चा की थीम
सम्मेलन में ऊर्जा सुरक्षा, वित्तीय विकास, जलवायु परिवर्तन और वैश्विक सरकारी संगठनों पर चर्चा होने की संभावना है। इस बार की थीम 'बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी' है, जिसका अर्थ है सहयोग, लचीलापन, नवाचार और स्थिरता के साथ विकास करना।
BRICS का महत्व
BRICS देशों में लगभग 49.5 प्रतिशत वैश्विक जनसंख्या निवास करती है, और इनकी GDP दुनिया की कुल GDP का 40 प्रतिशत है। BRICS की स्थापना 2006 में हुई थी, जब साउथ अफ्रीका शामिल नहीं था। 2011 में साउथ अफ्रीका को शामिल किया गया, और हाल ही में मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और UAE को भी इसमें जोड़ा गया।