दिल्ली में CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई पर विवाद
दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई
दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन के दौरान एक पुलिसकर्मी ने एक GenZ प्रदर्शनकारी को चेहरे पर मुक्का मारा। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है। आम आदमी पार्टी ने इस वीडियो को साझा करते हुए पुलिस की इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है और सवाल उठाए हैं।
प्रदर्शन का उद्देश्य
2 अक्टूबर को गांधी जयंती के अवसर पर, आम आदमी पार्टी, छात्र संगठनों और अन्य समूहों ने जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन का आयोजन किया। प्रदर्शनकारी CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे थे, जो वोटर लिस्ट के इंटेंसिव रिवीजन से संबंधित मुद्दों से जुड़ा था।
आम आदमी पार्टी की प्रतिक्रिया
आम आदमी पार्टी ने शुक्रवार को X पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें आरोप लगाया गया कि CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान एक पुलिसकर्मी ने हिरासत में लिए गए GenZ प्रदर्शनकारी को मुक्का मारा। AAP ने इस घटना की आलोचना की है।
AAP ने अपने पोस्ट में लिखा, 'दिल्ली पुलिस का एक व्यक्ति बिना किसी कारण के हिरासत में लिए गए GenZ के चेहरे पर मुक्का मारता है। यह बिल्कुल अस्वीकार्य है और आम आदमी पार्टी इस व्यवहार की निंदा करती है।'
हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारी
दिल्ली पुलिस के अनुसार, शुक्रवार को प्रदर्शन तेज हो गया और प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश कर रहे थे, जिसके परिणामस्वरूप लगभग 700 लोगों को हिरासत में लिया गया। हिरासत में लिए गए लोगों में AAP नेता आतिशी, सौरभ भारद्वाज और संजीव झा के साथ-साथ छात्र और युवा कार्यकर्ता शामिल थे। पुलिस ने जंतर-मंतर पर इकट्ठा होने की अनुमति नहीं दी थी और नई दिल्ली जिले में पाबंदियां लगाई थीं।
दिल्ली पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत रोक लगाने के आदेश जारी किए और इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी। प्रदर्शनकारियों को फिरोज शाह रोड और अशोक रोड समेत कई स्थानों पर रोका गया, जबकि पूरे क्षेत्र में बैरिकेड्स लगाए गए।