दिल्ली में CJP का धरना: सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल और चुनावी मुद्दों की उठान
CJP का धरना प्रदर्शन
दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का धरना प्रदर्शन 20 जून से जारी है। यह प्रदर्शन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर हो रहा है। इसी बीच, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने रविवार से भूख हड़ताल शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि सरकार संवेदनशीलता नहीं दिखा रही है। सोनम वांगचुक इससे पहले भी लद्दाख के मुद्दों पर भूख हड़ताल कर चुके हैं.
प्रदर्शन में शामिल अन्य प्रतिनिधि
रविवार को, सोनम वांगचुक के साथ सर्व खाप पंचायत के कई प्रतिनिधि भी धरने में शामिल हुए। इन प्रतिनिधियों ने अभिजीत दीपके को पगड़ी पहनाई और आरोप लगाया कि लगभग 500 किसान नेताओं को दिल्ली आने से रोका गया है। अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर लिखा कि उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा के लोगों को जंतर-मंतर पहुंचने से रोकने के लिए नजरबंद किया जा रहा है.
चुनावी मुद्दों पर ध्यान
अभिजीत दीपके ने कहा कि उनका संगठन चुनावी व्यवस्था में जवाबदेही का मुद्दा भी उठाएगा। उन्होंने बताया कि NEET पेपर लीक विवाद और अन्य परीक्षा संबंधी मुद्दों के बीच यह प्रदर्शन केवल शिक्षा से जुड़े मुद्दों तक सीमित नहीं रहेगा। उन्होंने कहा, 'लोग यह मान रहे हैं कि यह सिर्फ नीट और शिक्षा का मुद्दा है। मैं आपको बता दूं कि यह तो सिर्फ शुरुआत है। हम चुनाव से जुड़े मुद्दों पर भी आएंगे।'
सोनम वांगचुक का भूख हड़ताल का कारण
सोनम वांगचुक ने कहा कि शिक्षा उनके लिए पिछले 40 वर्षों से महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने कहा, 'शिक्षा और पर्यावरण मेरे मुद्दे हैं, सच्चाई और शांति मेरा रास्ता है।' उनका कहना है कि वह पिछले पांच-छह साल से लद्दाख में पर्यावरण संरक्षण के आंदोलन से जुड़े रहे हैं. रविवार को उनके अनशन के दौरान जंतर-मंतर पर सैकड़ों प्रदर्शनकारी इकट्ठा हुए।
प्रदर्शनकारियों की अपील
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने प्रदर्शनकारियों से अपील की कि आंदोलन को व्यक्ति केंद्रित नहीं बनाना चाहिए। उन्होंने कहा, 'हमने एक व्यक्ति को सभी मुद्दों से बड़ा बना दिया है। यह आपकी जिम्मेदारी है कि किसी को भी मुद्दे से बड़ा न बनने दें।' उन्होंने किसानों, छात्रों और संगठनों से प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है।
शिकायतें और न्याय की मांग
यह प्रदर्शन अब अन्य छात्रों और शैक्षणिक संस्थानों से जुड़ी शिकायतों का मंच भी बन गया है। जयपुर के एक स्कूल में आत्महत्या के मामले में कक्षा छह की छात्रा के परिवार ने भी न्याय की मांग की। छात्रा के माता-पिता ने आरोप लगाया कि स्कूल या शिक्षक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
किसान नेताओं की चेतावनी
ओडिशा के किसान नेता अक्षय कुमार ने कहा कि अगर मंत्री इस्तीफा नहीं देते हैं, तो उन्हें राजनीतिक परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर प्रधान इस्तीफा नहीं देते हैं, तो वह अगले चुनाव में हार जाएंगे। किसान नेता अत्तर सिंह कादियान ने बीजेपी की आलोचना करते हुए कहा कि वह सरकार चलाने में सक्षम नहीं है।