दिल्ली में CJP प्रदर्शन: ममता बनर्जी और अन्य नेताओं की हिरासत
CJP प्रदर्शन की ताजा जानकारी
दिल्ली में शनिवार को मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर CJP द्वारा प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन से पहले पुलिस ने कई विपक्षी नेताओं और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया, जिनमें तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी, CPI(M) की वरिष्ठ नेता वृंदा करात, पार्टी महासचिव एमए बेबी और केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन शामिल हैं। प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर पहुंचने से रोकने के लिए राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा किया गया।
ममता बनर्जी की हिरासत
दिल्ली पुलिस ने ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस के कई नेताओं को हिरासत में लिया। इनमें सांसद डेरेक ओ'ब्रायन और साकेत गोखले भी शामिल हैं। TMC नेताओं का कहना है कि उन्हें दिल्ली में प्रदर्शन से पहले हिरासत में लिया गया। ममता बनर्जी ने पहले CJP के प्रदर्शन में शामिल होने की इच्छा जताई थी, जो मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और मतदाता सूची में अनियमितताओं के विरोध में आयोजित किया गया था।
वृंदा करात और पिनाराई विजयन की हिरासत
CPI(M) के कई वरिष्ठ नेता भी जंतर-मंतर की ओर बढ़ते समय पुलिस कार्रवाई का सामना कर रहे थे। इनमें वृंदा करात, एमए बेबी, पिनाराई विजयन, जॉन ब्रिटास और केएन बालगोपाल शामिल हैं। ये नेता केरल हाउस से जंतर-मंतर की ओर मार्च कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोककर हिरासत में लिया। वृंदा करात ने प्रदर्शन के समर्थन में कहा कि देश के लोगों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता।
अरविंद केजरीवाल का समर्थन
आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी CJP के प्रदर्शन का समर्थन किया और जंतर-मंतर जाने की बात कही है। इस प्रदर्शन में वामपंथी संगठनों, छात्र समूहों और किसान संगठनों का भी समर्थन है। हालांकि, केजरीवाल के मौके पर पहुंचने या हिरासत में लिए जाने की पुष्टि नहीं हुई है।
दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था
CJP के प्रदर्शन की अनुमति दिल्ली पुलिस ने नहीं दी थी, फिर भी आयोजकों ने प्रदर्शन करने का ऐलान किया। इसके बाद राजधानी के कई इलाकों में बैरिकेडिंग की गई और पुलिस तथा अर्धसैनिक बलों की तैनाती बढ़ाई गई। पुलिस ने शहर में लगभग 1000 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई और विपक्षी नेताओं की हिरासत से राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। अब आगे की स्थिति इस बात पर निर्भर करेगी कि प्रदर्शनकारी अपना आंदोलन जारी रखते हैं या नहीं और पुलिस हिरासत में लिए गए नेताओं के संबंध में क्या कदम उठाती है।