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दिल्ली में RAF जवान पर हमला: प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा की पूरी कहानी

दिल्ली के कनॉट प्लेस में एक प्रदर्शन के दौरान RAF जवान पर भीड़ ने हमला किया, जिससे स्थिति गंभीर हो गई। अन्य सुरक्षाकर्मियों ने जवान को बचाया। पुलिस ने 10 एफआईआर दर्ज की हैं और 250 से अधिक वीडियो फुटेज की जांच कर रही है। जानें इस घटना के पीछे की पूरी कहानी और पुलिस की कार्रवाई के बारे में।
 

दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान हिंसा


नई दिल्ली: मंगलवार शाम को दिल्ली के कनॉट प्लेस और जंतर-मंतर क्षेत्र में एक प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़क उठी। इस दौरान एक रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवान को भीड़ ने घेर लिया और उसके साथ मारपीट की। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि जवान की जान को खतरा उत्पन्न हो गया। अन्य RAF कर्मियों ने तुरंत हस्तक्षेप कर अपने साथी को सुरक्षित बाहर निकाला। इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


RAF जवान पर हमले की जानकारी

प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने RAF के जवान को घेर लिया और उसके साथ कथित तौर पर मारपीट की। उसे दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया। समय पर अन्य सुरक्षाकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर जवान को सुरक्षित निकाला। घायल जवान की शिकायत के आधार पर पुलिस ने जानलेवा हमले सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है।


See how the RAF officer was assaulted by rioters. 💔@HMOIndia pic.twitter.com/3q1lANhYdR

— Rupsy Saini (@ZiviiBloom) July 21, 2026



प्रदर्शन के दौरान नुकसान

घटना के दौरान कई स्थानों पर पुलिस बैरिकेड्स को नुकसान पहुंचाया गया। पुलिस के अनुसार, कुछ प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा बलों के वाहनों में भी तोड़फोड़ की। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में बैरिकेड्स के पास अफरा-तफरी और पथराव जैसी घटनाएं दिखाई दे रही हैं। हालांकि, इन वीडियो की जांच की जा रही है।


दिल्ली पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों को कई बार कानून-व्यवस्था बनाए रखने और निषेधाज्ञा का पालन करने की अपील की गई थी, लेकिन इसके बावजूद नियमों का उल्लंघन किया गया।


10 एफआईआर दर्ज

हिंसा के बाद दिल्ली पुलिस ने अब तक 10 एफआईआर दर्ज की हैं। ये मामले संसद मार्ग, कनॉट प्लेस, मंदिर मार्ग, बाराखंभा रोड और कर्तव्य पथ थानों में दर्ज किए गए हैं। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से जुड़े कानून और अन्य संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू की है। साथ ही बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने के मामले में भी अलग से एफआईआर दर्ज की गई है।


वीडियो फुटेज की जांच

घटना में शामिल लोगों की पहचान के लिए पुलिस तकनीकी और डिजिटल साक्ष्यों का सहारा ले रही है। अधिकारियों के अनुसार, 250 से अधिक वीडियो फुटेज की जांच की जा रही है। इन वीडियो के आधार पर उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


दिल्ली पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि हिंसा अचानक हुई या इसके पीछे कोई पूर्व नियोजित साजिश थी।