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दिल्ली में अक्टूबर की शुरुआत में प्रदूषण का बढ़ता स्तर, AQI 166

दिल्ली में अक्टूबर की शुरुआत में प्रदूषण का स्तर चिंताजनक रूप से बढ़ गया है, जहां AQI 166 दर्ज किया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि हवा की गति में कमी और वेंटिलेशन की कमी इसके मुख्य कारण हैं। आने वाले दिनों में राहत की उम्मीद कम है, और प्रदूषण के स्तर पर नजर रखना आवश्यक होगा। जानें इस विषय में और अधिक जानकारी और भविष्यवाणियाँ।
 

दिल्ली में वायु गुणवत्ता की स्थिति


दिल्ली में वायु गुणवत्ता की जानकारी: अक्टूबर की शुरुआत में दिल्ली में प्रदूषण का स्तर चिंताजनक रूप से बढ़ गया है। 1 अक्टूबर को राजधानी का 24 घंटे का औसत AQI 166 दर्ज किया गया, जो केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार 'मॉडरेट' श्रेणी में आता है। पिछले वर्ष इसी दिन AQI 186 था। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में राहत की उम्मीद कम है।


कम हवा की गति से बढ़ी समस्या

विशेषज्ञों के अनुसार, इस समय हवा की गति में कमी और वेंटिलेशन की कमी प्रदूषण के बढ़ने के मुख्य कारण हैं। जब हवा तेज होती है, तो प्रदूषक एक स्थान पर नहीं रुकते और उनका फैलाव आसान होता है। लेकिन जब हवा की गति कम होती है, तो वाहनों, धूल और अन्य स्रोतों से निकलने वाले प्रदूषक वातावरण में अधिक समय तक बने रहते हैं। 10 किलोमीटर प्रति घंटे से कम हवा की गति और 6,000 वर्गमीटर प्रति सेकंड से कम वेंटिलेशन इंडेक्स प्रदूषकों के जमा होने के लिए अनुकूल स्थिति बनाते हैं।


AQI का पूर्वानुमान

पूर्वानुमान के अनुसार, 2 से 4 अक्टूबर के बीच दिल्ली का AQI मध्यम श्रेणी में रहने की संभावना है। इसके बाद भी अगले कुछ दिनों में हवा की गुणवत्ता मध्यम से संतोषजनक रहने की उम्मीद है। हालांकि, AQI मौसम की स्थिति पर निर्भर करता है। हवा की गति, तापमान में बदलाव और अन्य कारक प्रदूषकों के फैलाव को प्रभावित कर सकते हैं। आने वाले हफ्तों में पराली जलाने, वाहनों से उत्सर्जन, निर्माण कार्य और स्थानीय धूल जैसे कारकों पर नजर रखना आवश्यक होगा।


अक्टूबर में प्रदूषण का बढ़ता स्तर

अक्टूबर के साथ दिल्ली में प्रदूषण का मौसम धीरे-धीरे शुरू होता है। तापमान में बदलाव और हवा की गति में कमी से प्रदूषकों के फैलाव की स्थिति प्रभावित होती है। आने वाले हफ्तों में पराली जलाने, वाहनों से होने वाले उत्सर्जन, निर्माण कार्य और स्थानीय धूल जैसे कई कारक दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता को प्रभावित कर सकते हैं।