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दिल्ली में अपराध की स्थिति: हत्या, अपहरण और चोरी के आंकड़े

दिल्ली में अपराध की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है, जहां 2024 में हत्या, अपहरण और चोरी के मामलों में वृद्धि देखी गई है। हालिया रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली ने मेट्रो शहरों में सबसे अधिक हिंसक अपराधों का सामना किया है, जबकि अपहरण के मामलों में भी यह शीर्ष पर है। हालांकि, कुछ मामलों में गिरावट भी आई है। जानें इस रिपोर्ट में और क्या-क्या आंकड़े सामने आए हैं।
 

दिल्ली में अपराध का बढ़ता ग्राफ

दिल्ली, देश की राजधानी, में अपराध की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, 19 प्रमुख मेट्रो शहरों में दिल्ली हिंसक अपराधों के मामले में सबसे आगे है। हालांकि, 2024 में यहां आपराधिक मामलों में 15% की कमी आई है। 2023 में कुल 3,24,000 आपराधिक मामले दर्ज किए गए, जबकि 2024 में यह संख्या घटकर लगभग 2,75,000 रह गई।


हत्या के मामलों में दिल्ली की स्थिति

हत्या के मामलों में दिल्ली का स्थान: बेंगलुरु और सूरत की तुलना में दिल्ली में अधिक हत्या के मामले सामने आए हैं। 2024 में 504 हत्या के मामलों में 522 लोगों की जान गई। इन हत्याओं के पीछे मुख्य कारण लूट, अवैध संबंध और व्यक्तिगत रंजिशें थीं। बेंगलुरु में 176 और सूरत में 114 हत्या के मामले दर्ज किए गए।


अपहरण के मामले

दिल्ली में अपहरण के मामलों की संख्या भी सबसे अधिक है, हालांकि यह आंकड़ा 2023 की तुलना में कम है। 2024 में यहां कुल 5580 अपहरण के मामले दर्ज किए गए, जबकि 2023 में यह संख्या 5715 थी। इनमें से अधिकांश पीड़ित लड़कियां थीं, जिनकी उम्र 12 से 18 वर्ष के बीच थी। पुलिस ने केवल 8.5% मामलों में चार्जशीट दाखिल की है.


चोरी की घटनाएं

हर दिन 496 चोरी के मामले: एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में चोरी की घटनाएं रिकॉर्ड स्तर पर हैं। 2024 में कुल 180,973 चोरी के मामले दर्ज किए गए, जो औसतन हर दिन लगभग 496 मामले बनाते हैं। यह आंकड़ा सभी मेट्रो शहरों का 73.3% है। झपटमारी के मामलों की संख्या 3105 रही, जबकि 40,000 से अधिक वाहनों की चोरी हुई। 2024 में डकैती के 1510 और जबरन वसूली के 228 मामले भी सामने आए हैं.


लापता बच्चों की संख्या

एक साल में 5491 बच्चे लापता

दिल्ली में 2024 में लापता बच्चों के 5491 मामले दर्ज किए गए। पिछले साल के 5352 मामलों को मिलाकर कुल संख्या 10843 हो गई है। इनमें 7649 मामले लड़कियों, 3192 लड़कों और दो ट्रांसजेंडर बच्चों से संबंधित हैं। 2023 में कुल 6284 बच्चे लापता हुए थे। बच्चों को खोजने की दर 62.4% रही।