दिल्ली में अवैध निर्माण के खिलाफ एमसीडी की सख्त कार्रवाई
दिल्ली में अवैध निर्माण पर एमसीडी की कार्रवाई
नई दिल्ली - दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने अवैध निर्माण, संपत्तियों के दुरुपयोग और जर्जर इमारतों के खिलाफ बुधवार को सभी 12 जोन में एक व्यापक अभियान चलाया। 9 सितंबर को किए गए इस अभियान में एमसीडी ने 34 संपत्तियों को ध्वस्त किया और 17 संपत्तियों को सील किया। निगम के अनुसार, यह कार्रवाई अवैध निर्माण के खिलाफ चलाए जा रहे निरंतर प्रशासनिक प्रयासों का हिस्सा है।
एमसीडी के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, 1 जून से 9 सितंबर 2026 के बीच, निगम ने कुल 1053 ध्वस्तीकरण, 491 संपत्तियों को सील करने और 2316 कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं।
नरेला जोन में प्रमुख कार्रवाई
9 सितंबर की कार्रवाई में नरेला जोन ने सबसे अधिक सक्रियता दिखाई, जहां छह बड़े पैमाने पर ध्वस्तीकरण अभियान चलाए गए। दक्षिणी जोन में एक पांच मंजिला अनधिकृत इमारत के खिलाफ कार्रवाई की गई। केंद्रीय जोन में पांच और केशवपुरम तथा शाहदरा उत्तरी जोन में तीन-तीन ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।
पश्चिमी जोन में विकास नगर के डीप एन्क्लेव पार्ट-2 में खतरनाक संपत्ति के खिलाफ भी कार्रवाई की गई।
सीलिंग अभियान में वर्धमान मॉल शामिल
सीलिंग अभियान के तहत सिविल लाइंस जोन में चार संपत्तियों पर कार्रवाई की गई, जिसमें वर्धमान मॉल भी शामिल है। संत नगर ए-1 ब्लॉक एक्सटेंशन में अनधिकृत निर्माण के खिलाफ भी बड़ी कार्रवाई की गई।
सिटी-एसपी जोन में प्रेम नगर और काला महल, जामा मस्जिद क्षेत्र की चार संपत्तियों में अनधिकृत निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की गई।
पीजी इमारतों का सर्वेक्षण
एमसीडी ने पीजी इमारतों की सुरक्षा के लिए भी एक व्यापक सर्वेक्षण किया है। अब तक 1252 पीजी इमारतों का निरीक्षण किया गया, जिनमें से 39 इमारतों को मामूली मरम्मत की आवश्यकता पाई गई, जबकि नौ इमारतों को बड़े स्तर पर मरम्मत की आवश्यकता है। तीन इमारतों को खतरनाक घोषित किया गया, जिनमें से एक को ध्वस्त भी किया गया है।
एमसीडी की लगातार कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि राजधानी में अवैध निर्माण और असुरक्षित इमारतों के खिलाफ आने वाले दिनों में अभियान तेज रहने की संभावना है।