दिल्ली में असुरक्षित PG इमारतों के खिलाफ MCD का सर्वे और कार्रवाई
दिल्ली नगर निगम का सर्वेक्षण
दिल्ली नगर निगम (MCD) राजधानी में पेइंग गेस्ट (PG) हाउस और वहां रहने वाले लोगों की संख्या का व्यापक सर्वेक्षण करने की योजना बना रहा है। सत्य निकेतन क्षेत्र में एक इमारत के गिरने से हुई मौतों के बाद नगर निगम ने यह कदम उठाया है। अधिकारियों का कहना है कि इस सर्वे का उद्देश्य असुरक्षित PG इमारतों की पहचान करना है।
सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना
रविवार को सत्य निकेतन में एक 5 मंजिला इमारत गिरने से कम से कम 7 लोगों की जान चली गई, जिनमें पांच छात्र शामिल थे। यह इमारत PG आवास के रूप में कार्यरत थी। इस हादसे के दो दिन बाद, मंगलवार को नगर निगम ने अनधिकृत और असुरक्षित इमारतों के खिलाफ एक बड़ा तोड़फोड़ अभियान चलाया। इससे पहले, MCD ने एक डिप्टी कमिश्नर सहित 5 अधिकारियों को निलंबित किया था।
तोड़फोड़ अभियान का विवरण
मंगलवार को चलाए गए अभियान में 12 MCD जोन में कुल 35 इमारतों को ध्वस्त किया गया। नजफगढ़ में बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ की गई, जबकि शाहदरा नॉर्थ में चार मंजिला इमारत के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। रोहिणी में 6, नरेला में 3, सिविल लाइंस में 3 और शाहदरा नॉर्थ में 6 इमारतों पर कार्रवाई की गई।
इसके अलावा, 9 स्थानों पर सीलिंग की कार्रवाई भी की गई, जिसमें करोल बाग के दो बड़े गोदाम और वेस्ट जोन का एक होटल शामिल है। MCD ने कहा कि गैरकानूनी निर्माण और खतरनाक ढांचों के खिलाफ कार्रवाई को और तेज किया जाएगा।
MCD की कानूनी चुनौतियाँ
MCD को असुरक्षित इमारतों की पहचान और कार्रवाई में कई कानूनी बाधाओं का सामना करना पड़ता है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली कानून (विशेष प्रावधान) अधिनियम 2011, जिसमें कई बार संशोधन किया गया है, अनधिकृत निर्माण और संपत्तियों के गलत इस्तेमाल को 31 दिसंबर 2026 तक दंडात्मक कार्रवाई से सुरक्षा प्रदान करता है। अधिकारियों के अनुसार, इस कानून के तहत दंडात्मक कार्रवाई का अर्थ तोड़फोड़, सीलिंग या परिसर को खाली कराना हो सकता है।
संपत्तियों पर कार्रवाई का आंकड़ा
सत्य निकेतन हादसे से पहले भी, साकेत और मालवीय नगर में हुई घटनाओं के बाद MCD ने अनधिकृत निर्माण और संपत्तियों के गलत इस्तेमाल के खिलाफ सख्त कदम उठाए थे। 1 जून से 3 सितंबर 2026 के बीच, नगर निगम ने 983 संपत्तियों पर तोड़फोड़ की, 464 संपत्तियों को सील किया, अनधिकृत निर्माण के लिए 1,516 कारण बताओ नोटिस और 708 सीलिंग नोटिस जारी किए, और 726 तोड़फोड़ के आदेश भी दिए।
MCD की भविष्य की योजनाएँ
MCD ने आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों की पहचान के लिए तीन महीने का सर्वेक्षण भी किया था। इस सर्वे में 404 कॉलोनियों और 168 वार्डों में लगभग 3 लाख संपत्तियों का सर्वेक्षण किया गया। इस सर्वे में 8,000 से अधिक मामलों में आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियाँ पाई गईं।
नगर निगम ने दिल्ली मास्टर प्लान के तहत गैर-कानूनी मानी जाने वाली इन गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। अब तक लगभग 30-40 संपत्तियों को सील किया जा चुका है, जबकि अन्य पर कार्रवाई विभिन्न चरणों में चल रही है।