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दिल्ली में आतंकवादी साजिश का पर्दाफाश, चार गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए चार युवकों को गिरफ्तार किया है, जो राजधानी में आतंकवादी गतिविधियों की योजना बना रहे थे। इन आरोपियों ने प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों की रेकी की थी और आईईडी विस्फोट की तैयारी कर रहे थे। पुलिस ने उनके सोशल मीडिया नेटवर्क को भी उजागर किया है, जिससे यह पता चलता है कि वे कट्टरपंथी विचारधारा फैलाने के लिए सक्रिय थे। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और पुलिस की कार्रवाई के बारे में।
 

दिल्ली पुलिस ने किया बड़ा खुलासा


दिल्ली पुलिस ने आतंकवादियों की योजना को नाकाम किया


दिल्ली पुलिस ने हाल ही में कुछ युवकों को गिरफ्तार किया है, जो राजधानी में आतंकवादी गतिविधियों की योजना बना रहे थे। यह एक बड़ी राहत की बात है कि उन्हें समय पर पकड़ लिया गया और उनकी साजिश को विफल कर दिया गया।


इन चारों आरोपियों को विभिन्न राज्यों से गिरफ्तार किया गया है। मोसैब अहमद, मोहम्मद हम्माद, मोहम्मद सोहेल और शेख इमरान जैसे आरोपी निम्न सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि से आते हैं। ये सभी प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों की रेकी कर चुके थे और आईईडी विस्फोट की योजना बना रहे थे।


सोशल मीडिया के जरिए बढ़ा रहे थे नेटवर्क

पुलिस की पूछताछ में यह सामने आया कि आरोपी अपने नेटवर्क को सोशल मीडिया के माध्यम से मजबूत कर रहे थे। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने इन चार कट्टरपंथियों को गिरफ्तार किया है, जो आतंकवादी गतिविधियों की योजना बना रहे थे।


इन युवकों ने कुछ संवेदनशील स्थानों की रेकी की थी और एन्क्रिप्टेड ऑनलाइन प्लेटफार्मों के जरिए नए सदस्यों को भर्ती करने का प्रयास कर रहे थे।


पुलिस ने जब्त किया महत्वपूर्ण सामान

स्पेशल सेल के एक अधिकारी ने बताया कि इस अभियान के दौरान एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) और उससे संबंधित सामान जब्त किया गया। आरोपियों ने भीड़भाड़ वाले स्थानों को निशाना बनाने के लिए आईईडी युक्त रिमोट संचालित टॉय कार तैयार करने की योजना बनाई थी।


एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि ये आरोपी 'खुरासान के लश्कर' से प्रेरित थे, जो कट्टरपंथी विचारधारा फैलाने के लिए काले झंडे का उपयोग करते थे।


आतंकवादी गतिविधियों की विस्तृत योजना

आरोपी बंद और एन्क्रिप्टेड सोशल मीडिया समूहों पर सक्रिय थे, जहां जिहाद और हथियारों से संबंधित सामग्री साझा की जाती थी। इन मंचों का उपयोग नए सदस्यों की पहचान और भर्ती के लिए किया जाता था।


एक आरोपी दिसंबर 2025 में दिल्ली आया था और उसने लाल किला और इंडिया गेट जैसी महत्वपूर्ण जगहों की रेकी की थी। जांचकर्ताओं ने बताया कि इस मॉड्यूल ने अयोध्या में राम मंदिर, संसद भवन और कुछ सैन्य प्रतिष्ठानों पर संभावित हमलों पर चर्चा की थी।