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दिल्ली में आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए चार नए सर्किट लॉन्च

दिल्ली सरकार ने चार नए आध्यात्मिक पर्यटन सर्किट का उद्घाटन किया है, जो पर्यटकों को ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों का अनुभव प्रदान करेंगे। इस पहल का उद्देश्य न केवल पर्यटन को बढ़ावा देना है, बल्कि स्थानीय रोजगार के अवसर भी उत्पन्न करना है। सद्गुरु ने दिल्ली का नाम 'इंद्रप्रस्थ' रखने का सुझाव दिया है। इन सर्किटों में प्रमुख धार्मिक स्थलों को शामिल किया गया है, और पर्यावरण संरक्षण के लिए इलेक्ट्रिक बसों का उपयोग किया जाएगा।
 

दिल्ली का आध्यात्मिक पर्यटन

दिल्ली: दिल्ली केवल ऐतिहासिक इमारतों और आधुनिकता का संगम नहीं है, बल्कि यह सदियों से आस्था और सांस्कृतिक विविधता का एक जीवंत केंद्र भी रही है। यहां की गहराई में उतरना हर यात्री के लिए एक अनूठा अनुभव होता है। इसी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर को प्रदर्शित करने के लिए दिल्ली सरकार ने 'स्पिरिचुअल टूरिज्म' को एक नया आयाम देने का निर्णय लिया है।


मंगलवार को, दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए चार नए टूरिज्म सर्किट का उद्घाटन किया। इस अवसर पर प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु भी उपस्थित थे। ये सर्किट सितंबर से पूरी तरह से क्रियान्वित होने की उम्मीद है। कार्यक्रम में सद्गुरु ने अध्यात्म और पर्यटन के इस अनूठे संगम को नई दिशा दी।


सद्गुरु ने मुख्यमंत्री को एक महत्वपूर्ण सुझाव दिया कि दिल्ली का नाम बदलने पर विचार किया जा रहा है, तो इसे इंद्रप्रस्थ नाम से जाना जाए। उन्होंने यह भी कहा कि तुगलक रोड का नाम बदलना चाहिए, क्योंकि तुगलक का नाम जेनोसाइड से जुड़ा है।


आज अक्षरधाम मंदिर में ‘आध्यात्मिक एवं विरासत पर्यटन सम्मेलन 2026’ में सम्मिलित हुई। इस अवसर पर आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु जग्गी वासुदेव जी का सानिध्य प्राप्त हुआ।

दिल्ली अपने भीतर युगों का इतिहास समेटे है। यहां इंद्रप्रस्थ की स्मृतियां और भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी सभ्यतागत विरासत… pic.twitter.com/CAvMT4uAF5

— Rekha Gupta (@gupta_rekha) August 11, 2026


चारों सर्किटों का रूट प्लान और मुख्य आकर्षण


पर्यटकों की सुविधा के लिए इन चारों सर्किटों में विभिन्न ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों को शामिल किया गया है।


सर्किट 1: इसमें गुरुद्वारा बंगला साहिब, सेक्रेड हार्ट कैथेड्रल, अग्रसेन की बावली, लोटस टेंपल और अक्षरधाम मंदिर शामिल हैं।


सर्किट 2: बिड़ला मंदिर, झंडेवालान मंदिर, जंतर-मंतर, भगवान जगन्नाथ मंदिर और योगमाया मंदिर को जोड़ता है।


सर्किट 3: इसमें हनुमान मंदिर, जैन लाल मंदिर, अंबेडकर मेमोरियल, पुराना किला और हजरत निजामुद्दीन दरगाह शामिल हैं।


सर्किट 4: इसमें गुरुद्वारा रकाबगंज साहिब, बुद्ध मंदिर, चर्च ऑफ रिडेम्पशन, महरौली आर्कियोलॉजिकल पार्क और छत्तरपुर मंदिर शामिल हैं।


पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए, इन सर्किटों पर आधुनिक इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी। ये बसें एक-एक दिन छोड़कर अलग-अलग रूट्स पर चलेंगी, जिससे पर्यटकों को सुगम यात्रा का अनुभव होगा।


दिल्ली के पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि इस पहल से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न होंगे।