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दिल्ली में आर. के. आश्रम मार्ग मेट्रो स्टेशन का निर्माण, सीएम ने किया निरीक्षण

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को आर. के. आश्रम मार्ग मेट्रो स्टेशन के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने परियोजना की प्रगति, गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर ध्यान देने के निर्देश दिए। यह स्टेशन जनकपुरी वेस्ट से आर. के. आश्रम मार्ग तक के 28.92 किलोमीटर लंबे लाइन-8 कॉरिडोर का एक महत्वपूर्ण केंद्र होगा। फेज-4 के अंतर्गत अन्य हिस्सों का भी तेजी से निर्माण जारी है, जिससे यात्रा समय में कमी आएगी और प्रदूषण में भी कमी होगी। जानें इस परियोजना के बारे में और क्या खास है।
 

दिल्ली का नया मेट्रो हब

आर. के. आश्रम मार्ग मेट्रो स्टेशन बनेगा दिल्ली का नया ‘हब’, सीएम ने जांची निर्माण की गुणवत्ता


इंद्रलोक से बोटैनिकल गार्डन तक 88 किमी का सफर, फेज-4 के पूरा होते ही बदलेगी दिल्ली की रफ्तार


मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भीड़-भरे इलाकों में मेट्रो के इंजीनियरिंग कार्यों की सराहना की


नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने शनिवार को मेट्रो फेज-4 के तहत आर. के. आश्रम मार्ग मेट्रो स्टेशन पर चल रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने डीएमआरसी द्वारा किए जा रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान, उन्होंने परियोजना की प्रगति, निर्माण की गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों और समय-सीमा के पालन पर ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आर. के. आश्रम मार्ग मेट्रो स्टेशन को एक महत्वपूर्ण इंटरचेंज हब के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां वर्तमान में संचालित ब्लू लाइन और मैजेंटा लाइन के बीच कनेक्टिविटी स्थापित होगी। यह स्टेशन जनकपुरी वेस्ट से आर. के. आश्रम मार्ग तक विस्तारित 28.92 किलोमीटर लंबे लाइन-8 कॉरिडोर का एक प्रमुख केंद्र होगा।


मुख्यमंत्री ने बताया कि फेज-4 कॉरिडोर के अंतर्गत जनकपुरी वेस्ट से कृष्णा पार्क एक्सटेंशन और दीपाली चौक से मजलिस पार्क तक के हिस्से पहले ही यात्रियों के लिए खोले जा चुके हैं, जबकि शेष हिस्सों पर निर्माण कार्य तेजी से जारी है। यह कॉरिडोर पश्चिम, उत्तर और मध्य दिल्ली के घनी आबादी वाले आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों से होकर गुजरेगा, जिससे यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी, सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव घटेगा और प्रदूषण में भी महत्वपूर्ण कमी होगी।


उन्होंने कहा कि इस परियोजना का एक बड़ा हिस्सा बेहद जटिल कॉन्ट्रैक्ट पैकेज के अंतर्गत आता है, जिसमें लगभग 7 किलोमीटर लंबे ट्विन टनल और छह प्रमुख अंडरग्राउंड स्टेशनों का डिजाइन और निर्माण शामिल है। मुख्यमंत्री ने इस परियोजना में किए जा रहे इंजीनियरिंग कार्यों की सराहना की, जिसमें सदर बाजार जैसे जटिल क्षेत्रों में भूमिगत स्टेशन का निर्माण शामिल है।


मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कठिन भूगर्भीय परिस्थितियों में अत्याधुनिक तकनीकों और कड़े सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए निर्माण कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आर. के. आश्रम मार्ग स्टेशन न केवल एक प्रमुख इंटरचेंज हब के रूप में कार्य करेगा, बल्कि भविष्य में मेट्रो नेटवर्क के विस्तार का महत्वपूर्ण आधार भी बनेगा।


उन्होंने विस्तार में 9.91 किलोमीटर का आर. के. आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ खंड और 11.9 किलोमीटर का इंद्रप्रस्थ से इंद्रलोक खंड शामिल होने की जानकारी दी। सभी चरणों के पूरा होने के बाद, बोटैनिकल गार्डन से इंद्रलोक तक मैजेंटा लाइन की कुल लंबाई लगभग 88.4 किलोमीटर हो जाएगी, जिसमें 65 स्टेशन शामिल होंगे।


मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली मेट्रो राजधानी की जीवनरेखा है, जिस पर प्रतिदिन लाखों यात्री निर्भर रहते हैं। ऐसे में प्रत्येक कार्य में उच्च गुणवत्ता, मजबूत सुरक्षा व्यवस्था और तय समयसीमा का पालन सुनिश्चित करना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।


मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली की बढ़ती आबादी और यातायात की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए आधुनिक और सुदृढ़ कनेक्टिविटी का विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि निर्धारित समयसीमा में इस परियोजना के पूर्ण होने से दिल्लीवासियों को सुरक्षित, तेज और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव मिलेगा।