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दिल्ली में इंडिया गठबंधन की बैठक: चुनावी रणनीति और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

दिल्ली में आयोजित इंडिया गठबंधन की बैठक में विपक्षी दलों ने बीजेपी के खिलाफ चुनावी रणनीति पर चर्चा की। इस दौरान शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान से इस्तीफे की मांग की गई और 'वोट लूट' जैसे मुद्दों पर प्रधान न्यायाधीश को पत्र भेजने का निर्णय लिया गया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बताया कि सभी दल हर दो महीने में बैठक करेंगे। बैठक में शामिल नहीं होने वाली डीएमके और आम आदमी पार्टी के बारे में भी चर्चा हुई। जानें इस महत्वपूर्ण बैठक के सभी पहलुओं के बारे में।
 

इंडिया गठबंधन की महत्वपूर्ण बैठक

सोमवार को दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में विपक्षी इंडिया गठबंधन के सहयोगी दलों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में बीजेपी के खिलाफ चुनावी मुकाबले की रणनीति पर चर्चा की गई। कांग्रेस की सोनिया गांधी, राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, तृणमूल कांग्रेस की ममता बनर्जी, समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव, राष्ट्रीय जनता दल के तेजस्वी यादव और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख नेताओं ने भाग लिया।


शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

बैठक में इंडिया गठबंधन ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी और सीबीएसई परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं की ऑन-स्क्रीन मार्किंग के मुद्दों पर शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान से तत्काल इस्तीफे की मांग की। इसके अलावा, 'वोट लूट' के विषय पर प्रधान न्यायाधीश को पत्र लिखने का निर्णय लिया गया। विपक्ष ने सरकार से गंभीर आर्थिक स्थिति, बेरोजगारी, महंगाई और किसानों के मुद्दों पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने की अपील की।


बैठक की आवृत्ति

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बैठक के बाद बताया कि सभी दल हर दो महीने में मिलकर बैठक करेंगे। मानसून सत्र के दौरान संसदीय समन्वय जारी रहेगा और प्रतिदिन सुबह नेता प्रतिपक्ष के कार्यालय में समन्वय बैठक का आयोजन किया जाएगा।


पांच बिंदुओं पर सहमति

खरगे ने कहा कि इंडिया गठबंधन ने पांच महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति बनाई है। इसमें वोट लूट, विशेष गहन पुनरीक्षण, वोटर लिस्ट में हेरफेर और चुनावों की निष्पक्षता से संबंधित मुद्दों पर भारत के मुख्य न्यायाधीश को पत्र भेजने का निर्णय लिया गया। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग भी इस सहमति का हिस्सा है।


एकजुटता की रणनीति

बैठक में बीजेपी के खिलाफ एकजुट होकर आगे बढ़ने की रणनीति पर चर्चा की गई। शिवसेना (UBT) के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। अन्य नेताओं में जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, पीडीपी की महबूबा मुफ्ती, झारखंड मुक्ति मोर्चा के सरफराज अहमद और माकपा के जॉन ब्रिटास शामिल थे।


डीएमके और आम आदमी पार्टी की अनुपस्थिति

डीएमके और आम आदमी पार्टी इस बैठक में शामिल नहीं हुईं। 'आप' ने पहले ही इस गठबंधन से दूरी बना ली थी, जबकि डीएमके ने कांग्रेस के साथ संबंध तोड़ने के बाद बैठक का बहिष्कार करने का निर्णय लिया। कांग्रेस के सूत्रों ने बताया कि केवल उन पार्टियों को आमंत्रित किया गया था, जिनके संसद में सदस्य हैं।