दिल्ली में इमारत ढहने से 6 की मौत, अवैध निर्माण पर कार्रवाई शुरू
दिल्ली में इमारत ढहने की घटना
दिल्ली में इमारत ढहने की त्रासदी: रविवार को दिल्ली के सत्य निकेतन क्षेत्र में एक पांच मंजिला इमारत गिरने से एक बड़ा हादसा हुआ। इस घटना में कई छात्र मलबे में फंस गए। राहत और बचाव दल ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। हालांकि, अब तक इस हादसे में 6 लोगों की जान जा चुकी है। रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है ताकि अगर कोई और व्यक्ति मलबे में दबा हो, तो उसे बचाया जा सके। दिल्ली पुलिस, फायर सर्विस, NDRF और अन्य एजेंसियां इस कार्य में जुटी हुई हैं। देर रात मलबे से एक और शव मिलने के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर छह हो गई।
PG के रूप में इस्तेमाल हो रही थी इमारत
यह हादसा रविवार दोपहर को सत्य निकेतन में हुआ, जहां ढही हुई इमारत छात्रों के लिए PG के रूप में उपयोग की जा रही थी। यह क्षेत्र दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के निकट है, जहां बड़ी संख्या में छात्र निवास करते हैं। इमारत में बेसमेंट के साथ पांच मंजिलें थीं। घटना के बाद कई लोगों को मलबे से निकाला गया और बचाव अभियान जारी रहा। इस घटना ने इमारत के निर्माण और उसके उपयोग को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। MCD के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह लगभग 30 साल पुरानी G+4 इमारत थी। जिस पुनर्वास कॉलोनी में यह स्थित थी, वहां केवल ग्राउंड फ्लोर और पहली मंजिल तक निर्माण की अनुमति थी, जिससे ऊपरी मंजिलों का निर्माण अवैध था।
MCD की कार्रवाई
हादसे के बाद, दिल्ली नगर निगम (MCD) ने अवैध निर्माण के खिलाफ तात्कालिक कार्रवाई का आदेश दिया है। MCD ने कहा है कि चार मंजिल से अधिक वाली सभी अवैध इमारतों को तुरंत सील किया जाएगा। इसके साथ ही, ऐसे निर्माण की अनुमति देने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। प्रशासन ने आसपास की इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। MCD ने ढही हुई इमारत के पास स्थित एक जर्जर इमारत को खाली कराकर सील कर दिया है। वहां रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया गया है और अधिकारियों के अनुसार उस इमारत को भी गिराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
बिल्डिंग मालिक के खिलाफ FIR
दिल्ली सरकार ने इस घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया है और इमारत के मालिक के खिलाफ FIR दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं। इस हादसे ने दिल्ली में विशेष रूप से छात्र क्षेत्रों में PG और हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था पर फिर से सवाल उठाए हैं। सत्य निकेतन में यह हादसा ऐसे समय हुआ है जब दिल्ली में अवैध निर्माण को लेकर प्रशासन पर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं। मई 2026 में साकेत के पास एक बहुमंजिला इमारत गिरने से छह लोगों की मौत हुई थी।