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दिल्ली में इमारत ढहने से छात्रों की मौत, जांच में तेजी

दिल्ली के सत्य निकेतन में एक इमारत के ढहने से 7 छात्रों की जान चली गई और 12 अन्य घायल हो गए। पुलिस ने इमारत के मालिकों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है। मुख्यमंत्री ने घटना स्थल का दौरा किया और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस घटना के बाद, दिल्ली सरकार ने अनधिकृत इमारतों की जांच करने का निर्णय लिया है। स्थानीय निवासियों का मानना है कि निर्माण कार्य हादसे का कारण हो सकता है।
 

दिल्ली में बड़ा हादसा

दिल्ली के सत्य निकेतन क्षेत्र में रविवार को दोपहर लगभग 1:30 बजे एक गंभीर घटना घटी। एक पेइंग गेस्ट के रूप में उपयोग की जा रही इमारत अचानक गिर गई, जिससे कम से कम 7 छात्रों की जान चली गई और 12 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। दिल्ली पुलिस ने सोमवार को जानकारी दी कि इस मामले में इमारत की मालिक उर्मिला गुप्ता, उनके पति हरिराम गुप्ता और बेटे महेश गुप्ता को गिरफ्तार किया गया है। प्रारंभ में, पुलिस ने हरिराम गुप्ता को इमारत का मालिक बताया, लेकिन बाद में पता चला कि संपत्ति वास्तव में उर्मिला गुप्ता के नाम पर है.


हरिराम गुप्ता की गिरफ्तारी

इमारत का प्रबंधन हरिराम गुप्ता और उनके बेटे महेश द्वारा किया जा रहा था। हरिराम गुप्ता भारतीय वायुसेना से रिटायर सार्जेंट हैं और इमारत की बिजली कनेक्शन उनके नाम पर हैं। पुलिस के अनुसार, हादसे के समय हरिराम गुप्ता गुरुग्राम में थे। घटना के बाद उन्हें एक परिचित का फोन आया, जिसने उन्हें हादसे की जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने अपना फोन बंद कर दिया और शहर से भाग गए.


पुलिस की कार्रवाई

पुलिस को हरिराम गुप्ता से संपर्क करने में कठिनाई हुई, जिसके बाद लुक आउट सर्कुलर जारी किया गया। उनकी तलाश के लिए पुलिस ने 10 टीमें बनाई, जो राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में भेजी गईं। अंततः हरिराम गुप्ता को राजस्थान के भिवाड़ी से गिरफ्तार किया गया.


बचाव अभियान का समापन

दिल्ली पुलिस, अग्निशामक सेवा, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने मिलकर लगभग 27 घंटे तक बचाव अभियान चलाया। अग्निशामक सेवा के एक अधिकारी ने बताया कि सभी मलबे को हटा दिया गया है और कोई अन्य व्यक्ति मलबे में नहीं मिला। शाम 5:10 बजे बचाव अभियान समाप्त कर दिया गया.


सरकार की प्रतिक्रिया

मृतकों के परिवारों को उनके शव सौंप दिए गए हैं। पुलिस ने बताया कि महेश गुप्ता हार्डवेयर और पेंट की दुकान चलाते हैं और उनके दो बच्चे हैं। अब पुलिस PG संचालकों और श्रमिक ठेकेदारों की तलाश कर रही है।


कानूनी कार्रवाई

पुलिस ने हरिराम गुप्ता और अन्य आरोपियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या, इमारत के रखरखाव में लापरवाही और दूसरों की सुरक्षा को खतरे में डालने का मामला दर्ज किया है.


सत्य निकेतन का महत्व

सत्य निकेतन दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के निकट स्थित है, जहां कई छात्र हॉस्टल में रहते हैं. हादसे के समय इमारत में कई छात्र मौजूद थे.


मुख्यमंत्री की कार्रवाई

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटना स्थल का दौरा किया और कहा कि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने नगर निगम के कई अधिकारियों को निलंबित कर दिया है.


भविष्य की योजनाएं

दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने पीजी आवासों की जांच के निर्देश दिए हैं, खासकर उन इमारतों पर ध्यान देने के लिए जहां ऊंचाई और मंजिलों के नियमों का उल्लंघन हो सकता है.


स्थानीय लोगों की राय

स्थानीय निवासियों का कहना है कि हादसे के समय इमारत के बेसमेंट में निर्माण कार्य चल रहा था, जो हादसे का संभावित कारण हो सकता है.


मुख्यमंत्री का आश्वासन

मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी.