दिल्ली में इमारत ढहने से छात्रों में हड़कंप, बचाव कार्य जारी
सत्य निकेतन में फंसे छात्र
दिल्ली के सत्य निकेतन क्षेत्र में एक इमारत के ढहने से फंसे छात्रों ने अपने दोस्तों और परिवार से संपर्क करने के लिए फोन का सहारा लिया है। मलबे में दबे एक छात्र ने अपने दोस्त को 11 सेकंड का एक वीडियो भेजा, जिसमें वह धूल और मलबे से ढका हुआ है और मदद की गुहार लगा रहा है।
छात्र की पहचान और वीडियो
इस छात्र की पहचान आदित्य कुमार के रूप में हुई है, जिसके चेहरे पर चोट के निशान हैं। कांग्रेस की छात्र शाखा एनएसयूआई ने इस वीडियो को साझा किया है। एक अन्य वीडियो में एक छात्र लगातार 'भैया, हमें बचा लो' कहकर मदद मांग रहा है। उसे वहां मौजूद लोगों और पुलिस ने सुरक्षित बाहर निकाला।
बीजेपी विधायक का दौरा
हादसे की सूचना मिलते ही बीजेपी विधायक अनिल शर्मा घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि अभी भी कई लोग मलबे में फंसे हुए हैं और उन्हें अंदर से फोन आ रहे हैं। बचाव टीम लगातार फंसे हुए लोगों के संपर्क में है।
मलबे से निकाले गए लोग
अब तक मलबे से नौ लोगों को सुरक्षित निकाला गया है, जिनमें से तीन की जान चली गई है। आशंका जताई जा रही है कि इमारत में 40 से 50 लोग फंसे हो सकते हैं। यह घटना दिल्ली विश्वविद्यालय के दक्षिणी परिसर के निकट सत्य निकेतन में हुई है। इमारत लगभग 50 साल पुरानी बताई जा रही है, जिसमें एक बेसमेंट और पांच मंजिलें थीं।
बेसमेंट में मरम्मत का काम
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इमारत के बेसमेंट में पीजी का काम चल रहा था और मरम्मत का कार्य जारी था। इसी दौरान, दोपहर करीब 1:30 बजे इमारत अचानक ढह गई। बचाव कार्य में दिल्ली पुलिस, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), दिल्ली अग्निशमन सेवा (DFS) और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) की टीमें शामिल हैं।
सीएम का बयान
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस हादसे पर दुख व्यक्त किया और कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने एम्स में घायलों से भी मुलाकात की। सीएम ने बताया कि बेसमेंट में काम चल रहा था और एक खंभा खिसकने के कारण इमारत ढह गई। वहीं, दिल्ली पुलिस इमारत के मालिक की जानकारी जुटा रही है और एफआईआर दर्ज की जा रही है।