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दिल्ली में इमारतों के ढहने की घटनाएं: सुरक्षा पर गंभीर चिंता

दिल्ली में इमारतों के ढहने की घटनाएं एक बार फिर से सुरक्षा के मुद्दे को उजागर कर रही हैं। हाल ही में हुई एक घटना में सात लोगों की जान गई, जबकि कई अन्य घायल हुए। NCRB की रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में इमारतों के गिरने की कुल 42 घटनाएं हुईं, जिनमें रिहायशी भवनों की संख्या अधिक है। पिछले वर्षों में भी रिहायशी इमारतों के गिरने की घटनाएं बढ़ी हैं, जिससे लोगों की सुरक्षा पर गंभीर चिंता उत्पन्न हो रही है।
 

दिल्ली में इमारतों की सुरक्षा पर सवाल

दिल्ली के सत्य निकेतन में 6 सितंबर को एक पांच मंजिला PG इमारत के ढहने से राजधानी में भवन सुरक्षा के मुद्दे फिर से उठ खड़े हुए हैं। इस दुर्घटना में सात लोगों की जान गई और कई अन्य घायल हुए। यह इमारत छात्रों के लिए आवास के रूप में उपयोग की जा रही थी। इस घटना के बाद रिहायशी इमारतों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। पुराने आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में इमारतों के गिरने की हर 10 घटनाओं में लगभग 6 रिहायशी इमारतों से संबंधित होती हैं, जिनमें न केवल सामान का नुकसान होता है, बल्कि जानें भी जाती हैं।


NCRB रिपोर्ट के आंकड़े

NCRB की 'Accidental Deaths & Suicides in India 2024' रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में इमारतों के गिरने की घटनाओं में रिहायशी भवनों की संख्या अधिक है। 2024 में राजधानी में कुल 42 इमारतें गिरने की घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें से 25 रिहायशी भवनों से संबंधित थीं। इन घटनाओं में 31 लोग घायल हुए और 30 लोगों की जान गई।


2024 में जानलेवा घटनाएं

NCRB के आंकड़ों के अनुसार, 2024 में दिल्ली में इमारतों के गिरने की 42 घटनाएं हुईं, जिनमें 44 लोग घायल हुए और 42 की मृत्यु हुई। इनमें रिहायशी, सरकारी और व्यावसायिक इमारतें शामिल थीं। सरकारी और व्यावसायिक इमारतों में 5 घटनाएं हुईं, जिनमें 7 लोग घायल हुए और 2 की जान गई।


पिछले वर्षों में रिहायशी इमारतों की घटनाएं

2022 में दिल्ली में रिहायशी इमारतों के गिरने की 26 घटनाएं हुईं, जिनमें 38 लोग घायल हुए और 20 की जान गई। इसके बाद, 2023 में ये घटनाएं बढ़कर 49 हो गईं, जिसमें 23 लोग घायल हुए और 30 की मृत्यु हुई।