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दिल्ली में 'कैच द रेन' पहल के तहत त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर

दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता की उपस्थिति में 'कैच द रेन' पहल के तहत 75 सरकारी स्कूलों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग परियोजना का शुभारंभ किया गया। इस परियोजना के माध्यम से जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। इसमें मौजूदा रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का ऑडिट, पुनरुद्धार और नए सिस्टम की स्थापना शामिल है। इसके साथ ही विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए जल संरक्षण पर जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। यह पहल दिल्ली के सभी सरकारी स्कूलों में विस्तारित होने की योजना है, जिससे राजधानी में जल संरक्षण और भूजल स्तर को मजबूत किया जा सके।
 

दिल्ली सचिवालय में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर

नई दिल्ली - दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता की उपस्थिति में शुक्रवार को 'कैच द रेन' पहल के अंतर्गत दिल्ली सचिवालय में इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल), शिक्षा निदेशालय और एहसास एनजीओ के बीच एक महत्वपूर्ण त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के तहत दिल्ली के 75 सीएम श्री स्कूलों में वर्षा जल संचयन परियोजना को लागू किया जाएगा। यह परियोजना आईजीएल की सीएसआर पहल के तहत संचालित की जाएगी, जिसमें स्कूल परिसरों में मौजूदा रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का ऑडिट, उनका पुनरुद्धार और नए रूफटॉप रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए जल संरक्षण एवं पर्यावरणीय जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।


जल संरक्षण का महत्व

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का बयान

इस अवसर पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि जल संरक्षण केवल एक पर्यावरणीय आवश्यकता नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की आधारशिला है। दिल्ली सरकार शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण को साथ लेकर चल रही है। यह पहल सरकारी विद्यालयों में सतत जल प्रबंधन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य राजधानी के सरकारी विद्यालयों को इतना उत्कृष्ट बनाना है कि अभिभावक भविष्य में निजी विद्यालयों के बजाय सरकारी विद्यालयों में अपने बच्चों का प्रवेश कराने को प्राथमिकता दें।


भविष्य की योजनाएं

दिल्ली के सभी सरकारी स्कूलों में विस्तार

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल केवल 75 विद्यालयों तक सीमित नहीं रहेगी। आने वाले समय में यह मॉडल दिल्ली सरकार के लगभग 800 विद्यालयों तक विस्तारित होगा, जिससे राजधानी में व्यापक स्तर पर रेन वॉटर हार्वेस्टिंग और भूजल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।


परियोजना की तकनीकी रूपरेखा

तकनीकी ऑडिट और रखरखाव

परियोजना के अंतर्गत चयनित 75 सीएम श्री स्कूलों में मौजूदा रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का तकनीकी ऑडिट किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, पुराने जल संचयन ढांचों, रिचार्ज पिट्स और फिल्ट्रेशन सिस्टम की सफाई और पुनर्स्थापन का कार्य भी किया जाएगा।


जल संरक्षण की कार्यशालाएं

विशेष वर्कशॉप का आयोजन

परियोजना के तहत रेन वॉटर हार्वेस्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की जांच और पुनर्स्थापन के साथ-साथ प्रत्येक विद्यालय में जल संरक्षण को लेकर विशेष वर्कशॉप आयोजित की जाएंगी। इन वर्कशॉप में विद्यार्थियों और शिक्षकों को जल उपयोग, भूजल पुनर्भरण और पर्यावरणीय स्थिरता के महत्व के बारे में जागरूक किया जाएगा।


भविष्य की संभावनाएं

भूजल रिचार्ज का अनुमान

इस परियोजना के माध्यम से प्रत्येक विद्यालय में प्रतिवर्ष लगभग दो लाख लीटर भूजल पुनर्भरण होने का अनुमान है, जिससे राजधानी में जल संरक्षण और भूजल स्तर को मजबूत करने में सहायता मिलेगी।


शिक्षा मंत्री का बयान

सीएम श्री विद्यालयों की विशेषताएं

शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता जी के निर्देश पर सीएम श्री विद्यालयों को सामान्य विद्यालयों से अलग और विशिष्ट बनाने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है।