दिल्ली में गेहूं की सरकारी खरीद फिर से शुरू, किसानों को मिलेगा उचित मूल्य
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की पहल से किसानों को होगा लाभ
दिल्ली में खरीद शुरू होने से किसानों को मिलेगा उचित मूल्य, लागत और समय की भी होगी बचत: सीएम रेखा गुप्ता
स्थानीय खरीद से पीडीएस को मिलेगा मजबूती, अनाज के अनावश्यक बाहरी प्रवाह पर लगेगी रोक
प्रधानमंत्री जी के किसान कल्याण विजन को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध दिल्ली सरकार: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता
नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। केंद्र सरकार ने उनके अनुरोध पर दिल्ली में भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के माध्यम से गेहूं की सरकारी खरीद को फिर से शुरू करने का निर्णय लिया है। इस फैसले से किसानों को उनकी फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) प्राप्त होगा और स्थानीय कृषि व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री ने इस निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह कदम किसानों के कल्याण और उनकी आय को सुरक्षित करने के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रल्हाद जोशी को पत्र लिखकर रबी विपणन सत्र में दिल्ली में एफसीआई के माध्यम से गेहूं खरीद की तत्काल बहाली का अनुरोध किया था। उन्होंने पत्र में उल्लेख किया कि एफसीआई द्वारा स्थानीय स्तर पर खरीद न होने के कारण किसानों को अपनी उपज एमएसपी से कम कीमत पर बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, जिससे उनकी आय पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। केंद्र सरकार ने इस पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए एफसीआई को निर्देश दिए हैं कि रबी विपणन सत्र 2026-27 में दिल्ली में गेहूं खरीद की प्रक्रिया शुरू की जाए। इसके तहत 24 अप्रैल 2026 से दिल्ली में दो प्रमुख स्थानों, नरेला स्थित एफसीआई डिपो और नजफगढ़ मंडी में खरीद केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जिससे किसानों को अपनी उपज बेचने में सुविधा होगी।
मुख्यमंत्री ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि एफसीआई द्वारा दिल्ली में खरीद शुरू होने से कई महत्वपूर्ण नीतिगत उद्देश्यों की पूर्ति होगी। इससे दिल्ली के किसानों को सरकारी खरीद व्यवस्था तक समान और सुगम पहुंच मिलेगी। स्थानीय स्तर पर खरीद केंद्र उपलब्ध होने से किसानों को अपनी उपज अन्य राज्यों में ले जाने की आवश्यकता कम होगी, जिससे उनके परिवहन और हैंडलिंग खर्च में कमी आएगी। उन्होंने यह भी बताया कि स्थानीय स्तर पर खरीदे गए गेहूं को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) से प्रभावी ढंग से जोड़ा जा सकेगा, जिससे खाद्य सुरक्षा तंत्र और अधिक मजबूत होगा।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के किसान कल्याण और आय सुरक्षा के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना केंद्र सरकार की प्राथमिकता रही है। दिल्ली सरकार भी इसी दृष्टिकोण के अनुरूप किसानों के हितों की रक्षा और उनकी आय सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह पहल उसी दिशा में एक ठोस और प्रभावी कदम है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस निर्णय से दिल्ली के किसानों को सीधा लाभ मिलेगा और उन्हें अपनी उपज का उचित एवं सुनिश्चित मूल्य प्राप्त होगा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और कृषि क्षेत्र को नई गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, वर्ष 2021-22 के बाद दिल्ली में एफसीआई की ओर से एमएसपी पर गेहूं की खरीद फिर से शुरू की जा रही है। राजधानी में लगभग 29 हजार हेक्टेयर भूमि पर कृषि होती है। प्रतिवर्ष लगभग 80 हजार मीट्रिक टन गेहूं का उत्पादन होता है, जो स्थानीय खपत से अधिक है और बाजार में बेचने के लिए उपलब्ध रहता है। इस पहल से दिल्ली के लगभग 21,000 किसानों को सीधा लाभ मिलने का अनुमान है। किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए आधार कार्ड, भूमि अभिलेख की प्रति और बैंक पासबुक साथ लानी होगी। सरकार द्वारा गांव-वार खरीद कार्यक्रम शीघ्र जारी किया जाएगा। सरकार ने किसानों से अपील की है कि वे निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार ही खरीद केंद्रों पर पहुंचें ताकि किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।