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दिल्ली में चांदनी चौक में 56 ज्वेलरी दुकानों पर कार्रवाई, करोड़ों का सामान सील

दिल्ली की चांदनी चौक में नगर निगम ने 56 ज्वेलरी दुकानों को सील कर दिया है, जिससे व्यापारियों में बेचैनी फैल गई है। इस कार्रवाई के पीछे सत्य निकेतन बिल्डिंग के गिरने की घटना है, जिसने नगर निगम को अवैध इमारतों के खिलाफ सख्त कदम उठाने के लिए प्रेरित किया। व्यापारियों का आरोप है कि उन्हें कार्रवाई की पूर्व सूचना नहीं दी गई और दुकानों पर लगाए गए नोटिस बैकडेटेड हैं। जानें इस मामले में और क्या हो रहा है।
 

चांदनी चौक में MCD की बड़ी कार्रवाई


नई दिल्ली. दिल्ली की राजधानी इस समय चर्चा का विषय बनी हुई है। सत्य निकेतन बिल्डिंग के गिरने की घटना के बाद नगर निगम दिल्ली ने चांदनी चौक में एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। कुचा महाजनी क्षेत्र में MCD ने गुरुवार को 56 ज्वेलरी और बुलियन से संबंधित दुकानों को सील कर दिया। इस कार्रवाई के बाद व्यापारियों में चिंता का माहौल है, क्योंकि उनका कहना है कि इन दुकानों में करोड़ों रुपये की ज्वेलरी और अन्य कीमती सामान मौजूद है।


रविवार, 6 सितंबर को सत्य निकेतन बिल्डिंग के गिरने की घटना ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया। इसके बाद नगर निगम ने अवैध और खतरनाक इमारतों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। चांदनी चौक में की गई यह कार्रवाई इसी अभियान का हिस्सा है। इस हादसे में सात लोगों की जान गई थी, जिनमें अधिकांश छात्र थे।


व्यापारियों की चिंताएं

STORY | Delhi: 56 jewellery shops sealed in Chandni Chowk; traders say gold, silver worth crores locked

At least 56 jewellery and bullion-related shops in Chandni Chowk’s Kucha Mahajani were sealed by the Municipal Corporation of Delhi (MCD) on Thursday, traders claimed, adding… pic.twitter.com/jZG2RcuQNq

— Press Trust of India (@PTI_News) September 10, 2026



ऑल इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेश सिंघल ने बताया कि MCD ने दुकानों पर नोटिस चिपकाने के बाद सीलिंग की कार्रवाई की। कई दुकानदारों को कार्रवाई की जानकारी दुकान पर पहुंचने के बाद ही मिली।


बैकडेटेड नोटिस का आरोप


व्यापारियों ने आरोप लगाया है कि दुकानों पर लगाए गए नोटिस बैकडेटेड हैं। एसोसिएशन द्वारा साझा किए गए नोटिस में 12 मई 2026 की तारीख दर्ज है। नोटिस में कहा गया है कि संबंधित संपत्ति के बेसमेंट का व्यावसायिक उपयोग रोकने का निर्देश दिया गया था। व्यापारियों का कहना है कि उन्हें इस कार्रवाई के लिए कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई।