दिल्ली में छात्र आंदोलन के बीच कनॉट प्लेस पर हंगामा: पुलिस ने की चार एफआईआर दर्ज
दिल्ली में छात्र आंदोलन की स्थिति
नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच सोमवार को कनॉट प्लेस में हुई हिंसा के बाद दिल्ली पुलिस ने अपनी कार्रवाई को तेज कर दिया है। उपद्रव, सरकारी संपत्ति को नुकसान और कानून-व्यवस्था में बाधा डालने के आरोप में पुलिस ने अब तक चार एफआईआर दर्ज की हैं। इसके अतिरिक्त, दो और मामलों में एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है। प्रदर्शनकारी संगठन CJP ने पुलिस पर बल प्रयोग और मारपीट का आरोप लगाया है, जिसे पुलिस ने खारिज कर दिया है।
कनॉट प्लेस में हुई घटनाएँ
दिल्ली पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान कनॉट प्लेस के आउटर सर्कल में रीगल सिनेमा के पास कुछ लोगों ने पुलिस वाहनों पर हमला किया और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर पथराव किया। इस घटना के बाद कनॉट प्लेस थाने में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और वीडियो रिकॉर्डिंग के माध्यम से आरोपियों की पहचान करने में जुटी है।
एफआईआर की संख्या और कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने जानकारी दी है कि अब तक चार अलग-अलग एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। इनमें संसद सत्र के दौरान बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने, हिंसा की साजिश, सरकारी कार्य में बाधा डालने, पुलिसकर्मियों से मारपीट और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले शामिल हैं। इसके अलावा, दो अन्य मामलों में भी कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है।
कानूनी धाराएँ और आरोप
इन मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS), आर्म्स एक्ट और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान से संरक्षण अधिनियम (PDPP Act) की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान गैरकानूनी जमावड़ा, हिंसक गतिविधियाँ, सरकारी कार्य में बाधा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी घटनाएँ हुईं। इन सभी आरोपों की जांच जारी है।
जंतर-मंतर पर फिर से जुटे प्रदर्शनकारी
मंगलवार सुबह, जंतर-मंतर पर छात्रों और प्रदर्शनकारियों का जमावड़ा फिर से देखने को मिला। प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने की बात कर रहे हैं। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
CJP और पुलिस के बीच आरोप-प्रत्यारोप
प्रदर्शनकारी संगठन CJP ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान बल प्रयोग किया और कई युवाओं के साथ मारपीट की। संगठन का दावा है कि कई लोग घायल हुए हैं। दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कुछ वीडियो और दावों को भ्रामक बताया है।
पुलिस का कहना है कि उपलब्ध तथ्यों के आधार पर कई दावे सही नहीं पाए गए हैं और लोगों से अपुष्ट जानकारी साझा न करने की अपील की गई है।