दिल्ली में छात्रों का नया आंदोलन: क्या हैं उनकी प्रमुख मांगें?
छात्रों का प्रदर्शन फिर से शुरू
नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर छात्रों का प्रदर्शन एक बार फिर से शुरू हो गया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद पहले आंदोलन को समाप्त कर दिया गया था, लेकिन अब छात्र अपनी मांगों के साथ फिर से सड़कों पर उतर आए हैं। इस दौरान, छात्रों ने तख्तियों और बैनरों के साथ सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी मांगों को दोहराया।
छात्रों की मांगें क्या हैं?
जानकारी के अनुसार, इस बार प्रदर्शन में शामिल छात्र सीधे तौर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) से जुड़े नहीं हैं। प्रदर्शन में दिशा छात्र संगठन के सदस्य शामिल हैं। हालांकि, पहले CJP के नेतृत्व में हुए आंदोलन में इस संगठन के कई छात्र भी शामिल रहे थे। छात्रों का मुख्य उद्देश्य उन प्रदर्शनकारियों की रिहाई की मांग करना है, जिन्हें पिछले आंदोलन के दौरान हिरासत में लिया गया था।
छात्रों की रिहाई की मांग
प्रदर्शन में शामिल एक छात्रा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वे 36 दिनों तक आंदोलन में डटे रहे। उनका आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर बल प्रयोग किया गया और अब उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। छात्रा ने कहा कि उनकी मांग है कि हिरासत में लिए गए छात्रों को तुरंत रिहा किया जाए। इसके साथ ही, जिन छात्रों का डेटा एकत्र किया गया है, उसे भी हटाने की मांग की गई है। उनका दावा है कि इस संबंध में अदालत ने भी रिकॉर्ड हटाने की बात कही है।
नारेबाजी और लोकतांत्रिक अधिकार
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने जोरदार नारेबाजी की। उन्होंने "छात्रों की गिरफ्तारी बंद करो", "छात्रों का आपराधिकरण बंद करो", "एफआईआर वापस लो" और "छात्रों को डराना-धमकाना बंद करो" जैसे नारे लगाए। उनका कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना उनका लोकतांत्रिक अधिकार है और छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लिया जाना चाहिए।
CJP की नाराजगी
इस बीच, CJP ने विभिन्न राज्यों में प्रदर्शनकारियों और छात्र कार्यकर्ताओं के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई पर नाराजगी जताई है। पार्टी का कहना है कि यदि सरकार ने कार्रवाई रोकने का आश्वासन नहीं निभाया, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू करने पर विचार करेंगे। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने भी सोशल मीडिया पर प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई को लेकर सरकार से सवाल उठाए हैं।