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दिल्ली में जंतर-मंतर का विरोध स्थल के रूप में हटना: अभिजीत दिपके की प्रतिक्रिया

दिल्ली में जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल के रूप में हटाने के निर्णय पर अभिजीत दिपके ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए कहा कि अब पूरा देश जंतर-मंतर बनेगा। दिपके ने अपने परिवार की परेशानियों का भी जिक्र किया और पुलिस के रवैये की निंदा की। सौरव दास ने भी इस निर्णय पर सवाल उठाते हुए सरकार की आलोचना की है। यह मुद्दा शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार और असहमति जताने की स्वतंत्रता पर बहस को जन्म दे रहा है।
 

जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन की नई स्थिति

नई दिल्ली। दिल्ली में विरोध प्रदर्शन का केंद्र जंतर-मंतर एक बार फिर चर्चा में है। हाल ही में दिल्ली पुलिस ने ऐतिहासिक जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थल के रूप में मान्यता देने से मना कर दिया है। इसके स्थान पर रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली के सीबीडी मैदान को प्रदर्शन के लिए वैकल्पिक स्थलों के रूप में चुना गया है। इस निर्णय पर कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके और सह संयोजक सौरव दास ने सरकार की आलोचना की है।


अभिजीत दिपके का तीखा बयान

‘अब पूरा देश जंतर-मंतर बनेगा’

जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाने के निर्णय पर अभिजीत दिपके ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर अब प्रदर्शन स्थल नहीं रहा, जबकि वहां पहले से ही विरोध प्रदर्शनों को युद्धक्षेत्र में बदल दिया गया था। उन्होंने तानाशाही का आरोप लगाते हुए नारा दिया, ‘अब पूरा देश जंतर-मंतर बनेगा’।”


परिवार की परेशानी और पुलिस का रवैया

‘दादी के निधन के बीच परिवार को भी किया परेशान’

दिपके ने आगे कहा कि उनकी दादी के निधन से परिवार पहले ही दुख में था, और ऐसे समय में पुलिस का व्यवहार उनकी परेशानी को बढ़ा रहा था। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर पुलिस को दादी के निधन की जानकारी थी, तो रात 3:30 बजे गिरफ्तारी के कागजात लेकर क्यों आए? उन्होंने बताया कि पुलिस ने माता-पिता से बात करने को कहा, लेकिन उनकी खराब सेहत के कारण बात नहीं हो पाई। इसके बाद उन्होंने अपने चचेरे भाई से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने फोन नंबर निकालने नहीं दिया। दिपके ने इसे मानसिक प्रताड़ना बताया।”


प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ लड़ाई जारी

दिपके ने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कथित तानाशाही के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए नागरिकों के खिलाफ सख्त रुख अपना रही है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी दिल्ली पुलिस की कार्रवाई की निंदा की और कहा कि पुलिस युवाओं, पत्रकारों और सांसदों के साथ भी मारपीट कर रही है।


सरकार की चिंता पर सवाल

‘सरकार क्यों डरी हुई है?’

जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाने पर सौरव दास ने सवाल उठाया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पूछा कि आखिर नरेंद्र मोदी जंतर-मंतर से क्यों डरते हैं? उन्होंने इस निर्णय को सरकार की आलोचना करने और अपनी आवाज उठाने वाले लोगों के अधिकारों से जोड़ते हुए कहा कि अगर सरकार जनता की आवाज सुनने के लिए तैयार है, तो विरोध प्रदर्शन के लिए तय जगह को हटाने की आवश्यकता क्यों पड़ी? इस मुद्दे ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार और सरकार के प्रति असहमति जताने की स्वतंत्रता पर बहस को तेज कर दिया है।