दिल्ली में डबल-डेकर फ्लाईओवर परियोजना का तेजी से निर्माण, 88% कार्य पूरा
दिल्ली सरकार की नई पहल
नई दिल्ली - दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता के नेतृत्व में, राजधानी की सड़कों और यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए दिल्ली सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इस दिशा में, उत्तर-पूर्वी दिल्ली के करावल नगर, घोंडा और बृजपुरी जंक्शन (मंगल पांडे मार्ग) पर पीडब्ल्यूडी और डीएमआरसी द्वारा संयुक्त रूप से डबल-डेकर फ्लाईओवर परियोजना का निर्माण तेजी से चल रहा है। यह दिल्ली की पहली इंटीग्रेटेड डबल-डेकर संरचना है, जिसमें फ्लाईओवर और मेट्रो को एकीकृत रूप से विकसित किया जा रहा है। यह परियोजना 1.40 किलोमीटर लंबी है और यमुना विहार तथा भजनपुरा मेट्रो स्टेशन के बीच बनाई जा रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में बुधवार को हुई व्यय वित्त समिति (ईएफसी) की बैठक में इस परियोजना की संशोधित अनुमानित लागत 291 करोड़ रुपये को स्वीकृति दी गई। सरकार का लक्ष्य इस परियोजना को दिसंबर 2026 तक पूरा करना है।
परियोजना की विशेषताएँ
मुख्यमंत्री ने बताया कि यह केवल फ्लाईओवर बनाने की परियोजना नहीं है। इसके साथ-साथ एलिवेटेड कॉरिडोर, नई सड़कें, फुटपाथ, रोड साइनेज, बिजली, ड्रेनेज, वर्षा जल संचयन (रेन वॉटर हार्वेस्टिंग) और अन्य आवश्यक सुविधाओं का विकास भी किया जा रहा है। इस पूरी परियोजना का निर्माण डीएमआरसी द्वारा किया जा रहा है। इसके लिए पीडब्ल्यूडी और डीएमआरसी के बीच 24 फरवरी 2021 को समझौता हुआ था। परियोजना की मूल स्वीकृत लागत 220.10 करोड़ रुपये थी।
निर्माण कार्य की प्रगति
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि 22 जुलाई 2026 तक परियोजना का 88 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है और अब तक 220.10 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में कुछ कार्यों की अनुमति न मिलने के कारण निर्माण कार्य प्रभावित हुआ था, लेकिन अब आवश्यक अनुमति मिल चुकी है और डीएमआरसी ने फ्लाईओवर के शेष हिस्से तथा रैंप के निर्माण कार्य को फिर से तेज़ कर दिया है। अब तक फ्लाईओवर के 80 डेक स्लैब में से 74 तैयार हो चुके हैं और केवल 6 का काम बाकी है। इसी तरह 5,600 रनिंग मीटर क्रैश बैरियर में से 4,100 रनिंग मीटर का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि 1,500 रनिंग मीटर का काम शेष है। इसके अलावा 18 एक्सपेंशन जॉइंट में से 14 लगाए जा चुके हैं और 4 लगाए जाने बाकी हैं।
अंतिम चरण के कार्य
मुख्यमंत्री ने बताया कि अब परियोजना के अंतिम चरण के कुछ महत्वपूर्ण कार्य पूरे किए जाने हैं। इनमें सड़क की अंतिम परत बिछाने का काम (डीबीएम और बीसी), 100 बिजली के पोल लगाना, 8,000 वर्गमीटर क्रैश बैरियर की पेंटिंग और 94,900 वर्गमीटर एंटी-कार्बोनेशन पेंटिंग शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यमुना विहार और भजनपुरा का इलाका वर्तमान में अत्यधिक यातायात दबाव वाला क्षेत्र है। फ्लाईओवर बनने के बाद करीब 65 से 70 प्रतिशत यातायात सीधे इस डबल-डेकर फ्लाईओवर से गुजरेगा, जिससे नीचे की सड़क पर केवल स्थानीय यातायात रहेगा और क्षेत्र में जाम की समस्या में उल्लेखनीय कमी आएगी। इसके अलावा गोकुलपुरी से खजूरी खास होते हुए सिग्नेचर ब्रिज तक लोगों को सिग्नल-फ्री आवागमन की सुविधा भी मिलेगी।
आधुनिक तकनीकों का उपयोग
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस फ्लाईओवर का निर्माण आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीकों से किया जा रहा है। इसमें दोनों दिशाओं में 3-3 लेन का एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जा रहा है। परियोजना में प्री-कास्ट वायाडक्ट, रैंप पर आरई वॉल और 1000 मिमी व्यास की मजबूत नींव (बोरड कास्ट-इन-सीटू पाइल) जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। फ्लाईओवर की कुल लंबाई 1.40 किलोमीटर होगी। दोनों ओर 140-140 मीटर लंबे रैंप बनाए जा रहे हैं। इसकी कुल चौड़ाई 23 मीटर होगी और इसके लोअर डेक पर 6 लेन का फ्लाईओवर बनाया जा रहा है।
दिल्ली सरकार का उद्देश्य
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार का उद्देश्य राजधानी के लोगों को बेहतर, सुरक्षित और आधुनिक सड़क सुविधाएं उपलब्ध कराना है। दिल्ली की पहली इंटीग्रेटेड डबल-डेकर फ्लाईओवर-मेट्रो परियोजना उत्तर-पूर्वी दिल्ली की यातायात व्यवस्था को नई मजबूती देगी। हमारी सरकार सभी विकास परियोजनाओं को तय समयसीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।