दिल्ली में डिजिटल लाइब्रेरी का उद्घाटन, युवाओं के लिए नई संभावनाएं
दिल्ली में हाई-टेक लाइब्रेरी का उद्घाटन
दिल्ली: डिजिटल युग ने हमारे जीवन को पूरी तरह से बदल दिया है, और अब डिजिटल होना आवश्यक हो गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छात्रों के लिए एक नई डिजिटल लाइब्रेरी का उद्घाटन किया। शनिवार, 11 जुलाई को, उन्होंने एनडीएमसी द्वारा बनाए गए अत्याधुनिक लोकनायक जयप्रकाश नारायण (जेपीएन) सार्वजनिक लाइब्रेरी का लोकार्पण किया। इस अवसर पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, कैबिनेट मंत्री प्रवेश साहिब सिंह, एनडीएमसी के अध्यक्ष केशव चंद्र, उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल और अन्य गणमान्य अतिथि मौजूद थे।
उद्घाटन समारोह में बोलते हुए, अमित शाह ने कहा कि किसी भी देश का भविष्य उसके पुस्तकालयों में युवाओं की भागीदारी से निर्धारित होता है। उन्होंने बताया कि राष्ट्र के विकास और समृद्धि के लिए ज्ञान और विवेक की आवश्यकता होती है, जो केवल पुस्तकालयों से प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे पुस्तकालय से जुड़ें, क्योंकि पढ़ाई की आदत से अच्छे और बुरे का ज्ञान स्वतः विकसित होता है।
— Rekha Gupta (@gupta_rekha) July 11, 2026
गृह मंत्री ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उनके जन्मस्थान के पास एक समृद्ध पुस्तकालय था, जिसने उनके जीवन को बदल दिया। उन्होंने कहा कि उन्होंने कई प्रसिद्ध किताबें पढ़ी, जिससे उनकी अध्ययन यात्रा वेदों और उपनिषदों तक पहुंच गई।
अमित शाह ने कहा कि उन्होंने सभागार में एक वाक्य देखा, “बोलने से पहले सोचना चाहिए, क्योंकि शब्द कभी वापस नहीं आते।” उन्होंने बताया कि सोचने से पहले पढ़ना आवश्यक है, और यह संस्कार केवल पुस्तकालय से ही मिल सकता है। उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र में हर गांव में पुस्तकालय खोलने का प्रयास किया है, जिसमें हजारों पुस्तकें हैं।
गृह मंत्री ने कहा कि जयप्रकाश नारायण पुस्तकालय युवाओं के ज्ञान का नया केंद्र बनेगा। उन्होंने दिल्ली सरकार से अनुरोध किया कि सभी पुस्तकालयों को आपस में जोड़ा जाए और स्कूलों को भी इससे जोड़ा जाए। उन्होंने पुस्तक प्रेमियों को पुस्तकालयों से जोड़ने के लिए एक कार्ययोजना बनाने का सुझाव दिया।
गृह मंत्री ने बताया कि इस पुस्तकालय में 30,000 से अधिक पुस्तकें हैं, और यहां रिसर्च के लिए अलग व्यवस्था, आधुनिक रीडिंग एरिया, किड्स जोन, रिसर्च सेंटर और ई-लाइब्रेरी है, जिसमें 1 करोड़ पुस्तकें ऑनलाइन उपलब्ध हैं। यहां फ्री वाई-फाई और अध्ययन के लिए मॉनिटर भी उपलब्ध हैं।
अमित शाह ने दिल्ली के युवाओं से अपील की कि वे इस पुस्तकालय का पूरा लाभ उठाएं और अपने जीवन को बेहतर बनाएं, साथ ही देश को 2047 तक आत्मनिर्भर बनाने में योगदान दें।