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दिल्ली में ड्राफ्ट मतदाता सूची से 47 लाख से अधिक मतदाता बाहर, नाम जोड़ने की प्रक्रिया

दिल्ली में ड्राफ्ट मतदाता सूची से 47 लाख से अधिक मतदाता बाहर हैं। चुनाव आयोग ने विशेष इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) की प्रक्रिया के तहत यह जानकारी दी है। जिन मतदाताओं के नाम सूची में नहीं हैं, वे 30 सितंबर तक दावा या आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर को जारी की जाएगी। जानें इस प्रक्रिया के बारे में और कैसे आप अपने नाम को जोड़ सकते हैं।
 

दावों और आपत्तियों का निपटारा 29 अक्टूबर तक


दिल्ली में 14 मई को हरियाणा, झारखंड, उत्तराखंड, दिल्ली और महाराष्ट्र सहित 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में स्पेशल इंटेसिव रिवीजन (एसआईआर) की प्रक्रिया की घोषणा की गई थी। इस प्रक्रिया के तहत, 31 अगस्त को दिल्ली में ड्राफ्ट वोटर रोल जारी किया गया। वर्तमान में, दिल्ली में कुल 1 करोड़ 45 लाख मतदाता हैं, जिनमें से 47 लाख 56 हजार 722 मतदाता ड्राफ्ट सूची से बाहर हैं। वहीं, महाराष्ट्र में लगभग 2 करोड़ 7 लाख मतदाता इस सूची में शामिल नहीं हैं।


मतदाता नाम जोड़ने की प्रक्रिया

डिजिटाइजेशन के कारण, जैसे कि फॉर्म जमा न होना और अन्य तकनीकी समस्याएं, कई मतदाता इस सूची में शामिल नहीं हो पाए हैं। इनमें अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत, डुप्लिकेट, विदेशी और अन्य मामले शामिल हैं। जिन मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं हैं, वे 30 सितंबर 2026 तक दावा या आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।


फाइनल लिस्ट का प्रकाशन

दावों और आपत्तियों का निपटारा 29 अक्टूबर 2026 तक किया जाएगा। इसके बाद, 4 नवंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी।


एसआईआर का तीसरा चरण

चुनाव आयोग ने 14 मई को एसआईआर की घोषणा की थी, जो कि तीसरे चरण में है। यह प्रक्रिया 30 मई से 23 दिसंबर तक चलेगी। इस दौरान 36.73 करोड़ मतदाताओं का वेरिफिकेशन किया जा रहा है। जिन राज्यों में एसआईआर हो रहा है, उनमें पंजाब, उत्तराखंड और मणिपुर में अगले साल विधानसभा चुनाव होंगे।


पहले और दूसरे चरण का निष्कर्ष

एसआईआर के पहले और दूसरे चरण में 10 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों को कवर किया गया है। इस प्रक्रिया के बाद, बिहार, पश्चिम बंगाल, पुडुचेरी और असम विधानसभा चुनाव में भाजपा ने जीत हासिल की है। केरल में कांग्रेस गठबंधन और तमिलनाडु में एसआईआर ने भी सफलता पाई है।