दिल्ली में दिवाली से पहले प्रदूषण की बढ़ती समस्या: क्या हैं उपाय?
दिल्ली में हवा की गुणवत्ता पर चिंता
दिल्ली में दिवाली की तैयारियों के बीच वायु गुणवत्ता में गिरावट ने नई चिंताएं उत्पन्न कर दी हैं। जैसे-जैसे त्योहार नजदीक आ रहा है, कई क्षेत्रों में प्रदूषण का स्तर चिंताजनक रूप से बढ़ गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के समीर ऐप के अनुसार, दिल्ली के 54 निगरानी केंद्रों में से 31 पर हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी में रही, जबकि तीन केंद्रों पर स्थिति बहुत खराब पाई गई।
प्रदूषण का गंभीर स्तर
दिल्ली के कुछ हिस्सों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 400 के पार पहुंच गया है, जो प्रदूषण की गंभीरता को दर्शाता है। प्रशासन ने वाहनों और निर्माण कार्यों पर पाबंदियां लगाई हैं, लेकिन हवा में सुधार नहीं हो रहा है। दिवाली के दौरान पटाखों के धुएं से स्थिति और बिगड़ सकती है।
शाहदरा और सोनिया विहार में सबसे खराब स्थिति
दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में प्रदूषण का स्तर भिन्न है। शाहदरा और सोनिया विहार सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में शामिल हैं, जहां AQI 450 से ऊपर दर्ज किया गया। नई दिल्ली, सफदरजंग एनक्लेव और पंजाबी बाग में भी वायु गुणवत्ता की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
प्रदूषण पर नियंत्रण के प्रयास
दिल्ली में प्रदूषण को कम करने के लिए वाहनों की आवाजाही और निर्माण गतिविधियों पर नियंत्रण के उपाय किए गए हैं। एक नवंबर से BS-VI मानक से नीचे के वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है। हालांकि, इन उपायों के बावजूद प्रदूषण का स्तर कम नहीं हो रहा है। दिवाली की आतिशबाजी से स्थिति और बिगड़ने की आशंका है।
दिल्ली की सीमाओं पर सख्त जांच
प्रदूषण नियंत्रण के लिए दिल्ली के प्रवेश मार्गों पर परिवहन विभाग की टीमें सक्रिय हैं। गाजीपुर, आया नगर, अफसरा और सीमापुरी बॉर्डर पर वाहनों की जांच की जा रही है। यदि कोई वाहन BS-VI मानक से नीचे पाया जाता है, तो उसे वापस भेजा जा रहा है।
स्वास्थ्य पर प्रभाव
खराब हवा का स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है, विशेषकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस की समस्याओं वाले लोगों के लिए। प्रदूषण के बढ़ते स्तर के बीच, लोगों को बाहर रहने से बचने और आवश्यक होने पर ही बाहर निकलने की सलाह दी जा रही है।