दिल्ली में धरना-प्रदर्शन के लिए नए स्थल निर्धारित, जंतर-मंतर पर पाबंदी
दिल्ली पुलिस का नया आदेश
नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी में राजनीतिक रैलियों और धरना-प्रदर्शनों के कारण उत्पन्न होने वाली समस्याओं को देखते हुए, दिल्ली पुलिस ने एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लिया है। नए निर्देशों के अनुसार, अब कोई भी राजनीतिक दल, सामाजिक संगठन या समूह जंतर-मंतर पर प्रदर्शन नहीं कर सकेगा। मध्य दिल्ली में बार-बार लगने वाले जाम और व्यापारिक गतिविधियों पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव को ध्यान में रखते हुए, पुलिस आयुक्त ने धरना-प्रदर्शनों के लिए तीन नए वैकल्पिक स्थलों को अधिकृत किया है।
जनता की परेशानियों का समाधान
ट्रैफिक जाम और पाबंदियों से त्रस्त थी जनता, व्यापारियों ने उठाई थी मांग
बीते कुछ समय से सेंट्रल दिल्ली में हो रहे विरोध प्रदर्शनों के कारण आम जनता का जीवन प्रभावित हो रहा था। मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद होने, इंटरनेट सेवाओं पर पाबंदी और रूट डायवर्जन के कारण लाखों लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। इसके अलावा, व्यापारिक संगठनों ने भी वाणिज्यिक क्षेत्रों से दूर आंदोलन स्थलों की मांग की थी, ताकि व्यापार पर असर न पड़े। इसी संदर्भ में, दिल्ली पुलिस ने पुराने नियमों में संशोधन करते हुए यह निर्णय लिया है।
नए निर्धारित स्थल और SOP
जंतर-मंतर के बदले तय किए गए 3 नए मैदान, जारी होगी विस्तृत SOP
दिल्ली के पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार द्वारा 11 अक्टूबर को जारी संशोधित आदेश के अनुसार, समिति की सिफारिशों के आधार पर जंतर-मंतर को मुख्य धरना स्थल की सूची से हटा दिया गया है। अब रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली स्थित सीबीडी (CBD) ग्राउंड को बड़े प्रदर्शनों के लिए आधिकारिक रूप से निर्धारित किया गया है। इन स्थलों पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए पुलिस प्रशासन जल्द ही एक विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी करेगा।
स्थायी आदेश में संशोधन
2022 के स्थायी आदेश में संशोधन, सभी पुलिस अधिकारियों को निर्देश जारी
यह नया आदेश 28 अप्रैल 2022 को जारी किए गए पूर्व के स्थायी आदेश में आंशिक संशोधन के रूप में लागू किया गया है। आदेश में किसी समाप्ति तिथि का उल्लेख नहीं है, जिससे यह स्पष्ट है कि यह व्यवस्था भविष्य के लिए स्थायी रूप से प्रभावी रहेगी। दिल्ली पुलिस के सभी विशेष पुलिस आयुक्तों, संयुक्त आयुक्तों, अतिरिक्त आयुक्तों और सभी जिलों के डीसीपी को इस आदेश की प्रति भेजकर अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।