दिल्ली में नए साल की शुरुआत प्रदूषण के बीच
दिल्ली में वायु गुणवत्ता की चिंताजनक स्थिति
दिल्ली में पिछले ढाई महीनों से प्रदूषण की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। 2025 का अंत इसी प्रदूषित वातावरण में हुआ और 2026 की शुरुआत भी इसी हालात में हुई। गुरुवार को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 382 दर्ज किया गया, जो बेहद खराब श्रेणी में आता है। ठंड और कोहरे के कारण सुबह के समय लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
मौसम विभाग की भविष्यवाणी विफल
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने हाल ही में यह उम्मीद जताई थी कि नए साल की शुरुआत में दिल्ली-एनसीआर में हल्की बारिश हो सकती है। इस उम्मीद के साथ लोगों को आशा थी कि बारिश से प्रदूषण में कमी आएगी और उन्हें थोड़ी स्वच्छ हवा मिल सकेगी।
हालांकि, मौसम विभाग की यह भविष्यवाणी सही नहीं साबित हुई, जिससे लोगों में निराशा है। विभाग ने चेतावनी दी है कि सुबह के समय कई क्षेत्रों में मध्यम से घना कोहरा छाया रह सकता है। इसके अलावा, कुछ स्थानों पर ठंडे दिन जैसी स्थिति भी बनी रह सकती है।
दिल्ली में ठंड का नया रिकॉर्ड
दिल्ली ने बुधवार को 2019 के बाद का सबसे ठंडा दिन दर्ज किया, जब अधिकतम तापमान 14.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 6.2 डिग्री कम है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, ठंड और कम हवा की गति के कारण प्रदूषक कण वातावरण में फंसे हुए हैं, जिससे हवा की गुणवत्ता में सुधार की संभावना कम है।
प्रदूषण स्तर की जानकारी
गुरुवार सुबह दिल्ली-एनसीआर में सबसे अधिक प्रदूषित क्षेत्र अलीपुर रहा, जहां AQI 474 दर्ज किया गया, जो गंभीर श्रेणी में आता है। द्वारका में भी वायु गुणवत्ता बेहद खराब रही, जहां AQI 395 रिकॉर्ड किया गया। गाजियाबाद के वसुंधरा और नोएडा के सेक्टर-116 में भी खराब हवा का असर देखा गया, जहां AQI क्रमशः 247 और 228 दर्ज किया गया।