×

दिल्ली में नीट पेपर लीक के खिलाफ CJP का धरना जारी

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के खिलाफ धरना जारी रखा है। यह प्रदर्शन 25 दिनों से चल रहा है, जिसमें CJP ने कई प्रमुख नेताओं से समर्थन की अपील की है। संगठन ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और छात्रों के परिवारों को मुआवजे की मांग को लेकर राजनीतिक दलों से संपर्क किया है। जानें इस आंदोलन की पूरी कहानी और नेताओं की प्रतिक्रियाएं।
 

CJP का धरना और नेताओं से समर्थन की अपील

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर धरना जारी रखा है। यह विरोध प्रदर्शन पिछले 25 दिनों से चल रहा है। इस दौरान, CJP ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी सहित कई प्रमुख नेताओं से संपर्क किया है, उनसे जंतर-मंतर आकर नीट पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे युवाओं का समर्थन करने का अनुरोध किया है.


नेताओं को भेजे गए पत्र

CJP के प्रवक्ता सौरभ दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी दी कि उन्होंने और संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके ने 9-10 जुलाई को विभिन्न नेताओं को जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया था। दास ने बताया कि उन्होंने जेपी नड्डा और राहुल गांधी के अलावा बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू, तेलुगु देशम पार्टी के सांसद लावु श्री कृष्ण देवरायलू, जनता दल-यूनाइटेड (जदयू) के संजय कुमार झा और वाईएसआरसीपी के सांसद पीवी मिधुन रेड्डी को भी पत्र भेजा है.


CJP का आभार

इसके अतिरिक्त, CJP ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय, आजाद समाज पार्टी के सांसद चंद्रशेखर आजाद और AIMIM के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी को भी इसी तरह का पत्र लिखा है। CJP ने कहा, 'इन पत्रों के भेजे जाने से पहले और बाद में कई नेताओं और उनके दलों ने हमारे आंदोलन का समर्थन किया है। कई नेता जंतर-मंतर आए, जबकि कुछ ने हमारे प्रतिनिधिमंडल को चर्चा के लिए आमंत्रित किया। हम उन सभी का दिल से आभार व्यक्त करते हैं जो भारत के युवाओं के साथ खड़े हुए हैं।'


अन्य नेताओं के जवाब का इंतजार

CJP के प्रवक्ता सौरभ दास ने कहा, 'हमें अभी भी कई अन्य नेताओं के जवाब का इंतजार है। हम सभी नेताओं से अपील करते हैं कि वे राजनीतिक मतभेदों को भुलाकर युवाओं की मांग का समर्थन करें। यह आंदोलन एक पीढ़ी की उस मांग का प्रतीक है, जो पेपर लीक, भर्ती प्रक्रिया में विफलताओं और इस भ्रष्ट शिक्षा व्यवस्था के कारण जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों के लिए न्याय और मुआवजे की मांग कर रही है।'


राजनीतिक दलों से संपर्क

दीपके ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में बताया कि उन्होंने विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के समक्ष अपनी मांगें रखी हैं। उन्होंने कहा, 'CJP ने शिक्षा मंत्री को बर्खास्त करने और आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग को लेकर सभी राजनीतिक दलों से संपर्क किया है।' जंतर-मंतर पर 20 जून को शुरू हुए इस विरोध प्रदर्शन को विपक्षी दलों के कई नेताओं, शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न क्षेत्रों की कई हस्तियों का समर्थन मिल चुका है।