दिल्ली में पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन, कई शहरों में फैला आक्रोश
प्रदर्शन का विस्तार
दिल्ली में पेपर लीक के खिलाफ शुरू हुए प्रदर्शनों की लहर अब अन्य शहरों में भी फैलने लगी है। बुधवार को, दिल्ली के जंतर-मंतर के साथ-साथ मुंबई, लखनऊ, प्रयागराज, पटना और नागपुर में भी बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए। जैसे-जैसे प्रदर्शन बढ़ते गए, सरकार ने भी सुरक्षा उपायों को कड़ा कर दिया है। बुधवार रात से जंतर-मंतर पर सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है और इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गई हैं। सोनम वांगचुक और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने स्पष्ट किया है कि जब तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा। सरकार संसद में चर्चा का आश्वासन दे रही है, लेकिन इस्तीफे के मुद्दे पर कोई स्पष्टता नहीं दी गई है।
जंतर-मंतर पर हंगामा
बुधवार शाम को जंतर-मंतर पर फिर से हंगामा हुआ। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस और RAF के जवानों पर हमला किया और पुलिस की गाड़ी को घेर लिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं। दिल्ली पुलिस के कमिश्नर अनुराग कुमार ने स्थिति की समीक्षा के लिए संसद मार्ग थाने का दौरा किया और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। सुरक्षा बलों की संख्या को बढ़ा दिया गया है और नई दिल्ली क्षेत्र के 16 मेट्रो स्टेशनों को बंद कर दिया गया है।
मुंबई में फिल्मी सितारों का समर्थन
दिल्ली के बाद, मुंबई में भी प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। कई फिल्मी सितारे इस आंदोलन के समर्थन में सामने आए हैं। आएशा खान और अन्य हस्तियों को पुलिस ने कुछ समय के लिए हिरासत में लिया। सलमान खान और राखी सावंत जैसे कलाकार भी खुलकर प्रदर्शनकारियों के समर्थन में बोल रहे हैं। मुंबई पुलिस ने 18 जुलाई से जारी प्रदर्शनों के सिलसिले में अब तक 13 FIR दर्ज की हैं और लगभग 400 लोगों को नामजद किया है।
नागपुर में पुलिस कार्रवाई
नागपुर में, पुलिस ने संविधान चौक पर प्रदर्शन कर रहे कई लोगों को हटाया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग की। पुलिस ने रात करीब 11 बजे प्रदर्शन स्थल को खाली कराना शुरू किया। प्रदर्शन की अनुमति शाम 7 बजे तक ही दी गई थी, लेकिन कुछ प्रदर्शनकारी निर्धारित समय के बाद भी धरने पर डटे रहे।
हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में विरोध
हरियाणा में कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने NEET पेपर लीक और पुलिस कार्रवाई के खिलाफ प्रदर्शन किया। कुरुक्षेत्र में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला लघु सचिवालय के बाहर विरोध किया। हिमाचल प्रदेश में भी बीजेपी कार्यकर्ताओं और स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) के बीच झड़प हुई। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी की, जिससे तनाव बढ़ गया।
सरकार की प्रतिक्रिया
लगभग एक महीने से चल रहे इन प्रदर्शनों ने सरकार को अलर्ट मोड में ला दिया है। बुधवार को संसद में भी हंगामा हुआ, जहां मंत्री किरेन रिजीजू ने कहा कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़ा हुआ है।