दिल्ली में पेपर लीक मुद्दे पर सरकार और CJP के बीच गतिरोध जारी
दिल्ली में पेपर लीक पर बैठक का परिणाम
दिल्ली: पेपर लीक के मामले पर दिल्ली सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ताओं के बीच चल रहा गतिरोध शुक्रवार को एक उच्चस्तरीय बैठक के बाद भी समाप्त नहीं हुआ है। यह बैठक बिना किसी ठोस नतीजे के खत्म हुई, हालांकि कुछ मुद्दों पर सहमति के संकेत मिले हैं। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर दोनों पक्ष अभी भी अड़े हुए हैं।
सूत्रों के अनुसार, यह बैठक कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित की गई थी और इसकी अवधि केवल 10 मिनट थी। बैठक के बाद, CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सरकार के साथ बातचीत का माहौल मिला-जुला रहा। उन्होंने बताया कि बैठक में दो महत्वपूर्ण मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा हुई। पार्टी ने मांग की है कि हाल ही में पेपर लीक की घटनाओं में जान गंवाने वाले छात्रों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। इसके अलावा, छात्रों पर दर्ज मुकदमों (FIR) को वापस लेने के संदर्भ में भी सरकार की तरफ से सकारात्मक संकेत मिले हैं।
#WATCH | Delhi: A meeting held between Union Ministers JP Nadda and Jitendra Singh, and Cockroach Janta Party's Chief Spokesperson Saurav Das and its National Spokesperson Ashutosh Ranka. pic.twitter.com/AYMu9RD8d8
— News Media July 24, 2026
प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा, "सरकार ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की हमारी मांग पर कल दोपहर तक का समय मांगा है। हमें उम्मीद है कि सरकार उन्हें जल्द ही हटा देगी। सरकार ने मुआवज़े (NEET की तैयारी करने वाले उन छात्रों के परिवारों के लिए जिन्होंने आत्महत्या की) और छात्रों के ख़िलाफ FIR और कानूनी मामले वापस लेने की दो मांगों पर सैद्धांतिक मंज़ूरी दे दी है।"
हालांकि, मुआवजे और मुकदमों के मामलों में सहमति बनती दिख रही है, लेकिन CJP ने स्पष्ट किया है कि उनका आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक उनकी प्रमुख मांगें पूरी नहीं होतीं। सौरभ दास ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से कम पर उनका आंदोलन समाप्त नहीं होगा। इस गंभीर मुद्दे पर शनिवार शाम को दोनों पक्षों के बीच एक बार फिर बैठक होगी, जिसमें आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी।
Delhi: A meeting held between Union Ministers JP Nadda and Jitendra Singh, and Cockroach Janta Party's Chief Spokesperson Saurav Das and its National Spokesperson Ashutosh Ranka. pic.twitter.com/fOOEHWM7HR
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केंद्र सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने मीडिया को बताया कि सरकार ने CJP के सभी प्रतिनिधियों की मांगों को ध्यानपूर्वक सुना है। उन्होंने आश्वासन दिया कि उठाए गए सभी बिंदुओं पर उच्च स्तर पर विचार किया जा रहा है और उचित कदम उठाए जाएंगे। हालांकि, मंत्री के इस्तीफे के मुद्दे पर सरकार की ओर से अभी कोई आधिकारिक और कड़ा बयान नहीं आया है।
इन तीन प्रमुख मांगों पर टिकी है नजर
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा: पार्टी और प्रदर्शनकारी छात्र नेता केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर पूरी तरह अड़े हुए हैं.
एक करोड़ का मुआवजा: मृत हुए छात्रों के परिजनों को 1 करोड़ रुपये की सहायता राशि दी जाए.
छात्रों पर दर्ज एफआईआर वापसी: आंदोलनरत छात्रों के ऊपर पुलिस द्वारा दर्ज किए गए सभी मामलों और मुकदमों को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए.
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यह पूरा विवाद मुख्य रूप से तीन सूत्रीय मांगों के इर्द-गिर्द घूम रहा है। अब सबकी निगाहें शनिवार शाम को होने वाली उस अहम बैठक पर टिकी हैं, जो इस पूरे राजनीतिक और छात्र आंदोलन के भविष्य का फैसला कर सकती है.