दिल्ली में प्रदर्शन के आरोप में गिरफ्तार नेताओं की रिहाई
दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के मामले में रिहाई
दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने के आरोप में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को जेल से रिहा कर दिया गया है। स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) कोर्ट ने आज दोनों को न्यायिक हिरासत से मुक्त करने का आदेश दिया, जिसके बाद वे तिहाड़ जेल से बाहर आ गए। पिछले सात दिनों से दोनों नेता तिहाड़ में बंद थे। उनकी रिहाई 50-50 हजार रुपये के व्यक्तिगत और सुरक्षा बांड और लिखित अंडरटेकिंग की शर्त पर हुई है.
कोर्ट का निर्णय
कोर्ट ने यह माना कि वर्तमान में शांति बनाए रखने के लिए बांड और लिखित आश्वासन पर्याप्त हैं, इसलिए उन्हें आगे न्यायिक हिरासत में रखने की आवश्यकता नहीं है। दिल्ली पुलिस ने उनकी हिरासत को तीन दिन और बढ़ाने की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने उन्हें रिहा करने का निर्णय लिया। दोनों को 13 अक्टूबर को जंतर-मंतर में घुसने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था.
कोर्ट में दिए गए वादे
कोर्ट में दिए गए लिखित आश्वासन में सौरव दास और आशुतोष रांका ने कहा कि वे शांति, कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखेंगे और शांति भंग करने वाली कोई गतिविधि नहीं करेंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक जंतर-मंतर को कानूनी प्रक्रिया के तहत प्रदर्शन स्थल की अधिसूचित स्थिति नहीं मिलती, तब तक वे वहां विरोध प्रदर्शन के लिए लोगों को नहीं बुलाएंगे.
कोर्ट का आदेश
SEM कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि मौजूदा मामले में 'पीस बॉंड' भरवाकर और लिखित वादे लेकर काम चलाया जा सकता है। इसलिए उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने की आवश्यकता नहीं है। कोर्ट ने दोनों को आदेश दिया है कि इस मामले में SEM कोर्ट में जब-जब सुनवाई होगी, तब-तब पेश होना होगा। इसके साथ ही दोनों को कानून व्यवस्था बनाए रखने और शांति बनाए रखने का आदेश दिया गया है.
अगली सुनवाई की तारीख
कोर्ट के आदेश के बाद दोनों की रिहाई हो गई और देर शाम दोनों जेल से बाहर निकले। अब इस मामले में अगली सुनवाई 23 अक्टूबर 2026 को दोपहर 3 बजे होगी। रिहाई के बाद सौरव दास और आशुतोष रांका का एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया गया है, जिसमें दोनों के हाथ में तिरंगा है और उन्होंने भारत माता की जय और इंकलाब जिंदाबाद के नारे लगाए। इसके बाद दोनों ने एक साथ कहा, 'ज्ञानू मस्ट गो', जिससे यह संदेश दिया गया कि उनकी लड़ाई आगे भी जारी रहेगी.