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दिल्ली में प्रदर्शनकारियों की बड़ी संख्या ने सुरक्षा घेराबंदी को किया पार

दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा आयोजित प्रदर्शन में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी सुरक्षा घेराबंदी को पार करने में सफल रहे। पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया, लेकिन फिर भी कई लोग सेंट्रल दिल्ली में पहुंच गए। जानें प्रदर्शनकारियों ने कैसे सुरक्षा व्यवस्था को चकमा दिया और उनके विचार क्या थे।
 

दिल्ली में प्रदर्शन का आयोजन

10 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन के लिए दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार ने अभेद सुरक्षा घेराबंदी की थी। इसके बावजूद, प्रदर्शनकारी सेंट्रल दिल्ली में बड़ी संख्या में प्रवेश करने में सफल रहे। सराय काले खां की ओर से बाहरी रिंग रोड पर बैरिकेडिंग की गई थी, और आईटीओ चौराहे पर भी सुरक्षा बढ़ाई गई थी। एम्बुलेंस, मीडिया और आवश्यक सरकारी सेवाओं को छोड़कर किसी को भी घुसने की अनुमति नहीं थी।


सुरक्षा व्यवस्था और प्रदर्शनकारी

इसी प्रकार की बैरिकेडिंग इंडिया गेट के गोल चक्कर से होते हुए अशोक रोड, केजी मार्ग, रायसीना रोड, जनपथ, और जंतर मंतर रोड पर भी की गई थी। हजारों जवान इन मार्गों पर तैनात थे। बिना जांच के, सुरक्षाकर्मी किसी को भी जंतर मंतर के आसपास भी नहीं आने दे रहे थे। फिर भी, बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी सेंट्रल दिल्ली में घुसकर प्रदर्शन करने में सफल रहे।


पुलिस की कार्रवाई

हालांकि, पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए प्रदर्शनकारियों को रोकने और उन्हें हिरासत में लेने में सफलता प्राप्त की। पुलिस ने किसी को भी एक स्थान पर इकट्ठा होने या नारेबाजी करने की अनुमति नहीं दी। सुरक्षाकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर बसों में भरकर सेंट्रल दिल्ली से दूर ले जाने का काम किया।


प्रदर्शनकारियों की बातें

प्रदर्शनकारियों ने बताया कि इतनी बड़ी संख्या में वे दिल्ली पुलिस की सुरक्षा घेराबंदी, भारतीय रेलवे द्वारा ट्रेन रोकने और मेट्रो सेवाओं को चकमा देकर सेंट्रल दिल्ली पहुंचे। हरियाणा के रोहतक से आए देवराज ने कहा कि वह एक दिन पहले ही दिल्ली आ गए थे और रातभर नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर बिताई। उन्होंने कहा कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के माध्यम से वोट चोरी हो रही है, इसलिए ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा होना चाहिए।


बिहार से आए प्रदर्शनकारी

बिहार के एक युवक ने बताया कि वह चुनाव आयोग और मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग करने के लिए दिल्ली आया था। उसने कहा कि उसकी ट्रेन रास्ते में दस घंटे लेट हो गई थी, लेकिन वह निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से अपने दोस्त के साथ पुलिस की नजरों से बचते हुए यहां पहुंचा।


अन्य राज्यों से आए प्रदर्शनकारी

पंजाब के अमृतसर से आए एक युवक ने कहा कि वह भी एक दिन पहले दिल्ली आ गया था और गुरुद्वारे में रात बिताई। उसने कहा कि पंजाब में SIR प्रक्रिया को लेकर भारी नाराजगी है और वे इसे रद्द करवाने के लिए आए हैं। प्रयागराज में IAS की तैयारी कर रहे सोनू ने भी पुलिस और सरकार पर आरोप लगाया कि वे शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार कर रहे हैं।